The workers proved that the production is done on their own strength, the officers turned E0 from employees had handled the production
- कर्मचारी से E0 बने अधिकारियों ने संभाला कई विभागों में मोर्चा।
- उत्पादन उफान पर है अधिकारी नदारद।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (Bhilai Steel Plant) की हड़ताल को लेकर पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन सीटू का बड़ा बयान आया है। महासचिव जेपी त्रिवेदी का कहना है कि 28 अक्टूबर बीत गया। कर्मियों ने हड़ताल करके साबित कर दिया कि संयंत्र में कर्मियों के नहीं रहने से उत्पादन नहीं हो पाएगा।
हड़ताल के दिन अधिकारी 18 से 24 घंटे संयंत्र में पड़े रहे, उत्पादन करने की बहुत कोशिश की, थककर चूर हो गए। किंतु कोई खास नतीजा नहीं निकला। 29 अक्टूबर की सुबह कर्मियों के संयंत्र में प्रवेश करने के साथ ही अधिकांश अधिकारी घर चले गए। एक दिन क्या हड़ताल के बाद आज उत्पादन सामान्य रूप से पटरी पर आ गया है।
ये खबर भी पढ़ें: ITR: आयकर रिटर्न जमा करने की अंतिम तारीख अब 15 नवंबर
किंतु नाम मात्र के अधिकारी ही संयंत्र में नजर आ रहे हैं। इससे यह भी साबित हो गया कि अधिकारी संयंत्र में नहीं रहने पर भी कर्मचारी उत्पादन कर सकते हैं।
कर्मियों ने साबित किया कि उनके दम पर ही होता है उत्पादन
एसएमएस 2 के तीनों कन्वर्टर बंद हो गए। सभी 6 कास्टर से ढलाई बंद कर दिया गया। रेल मिल के ब्लूम यार्ड में ब्लूम सप्लाई करने वाले क्रेन खड़े रह गए। किसी तरह बनाए जा रहे रेल का क्रॉप काटने के समय कोई नहीं था, मर्चेंट मिल का उत्पादन ठप्प पड़ गया।
लोको का रिपेयर करने के लिए कोई नहीं था, यूनिवर्सल रेल मिल में रेल टेस्टिंग करने के लिए कर्मी नहीं थे। कई विभागों में मशीनों के मेंटेनेंस करने वाले कर्मी उपलब्ध नहीं थे। इस पूरे काम को कर पाना अधिकारियों के बस की बात नहीं थी।
इसीलिए उत्पादन ठंडा पड़ गया। और कर्मियों ने साबित किया कि उनके दाम पर उत्पादन होता है। इसीलिए उनके खिलाफ नीतियां न बनाएं।
कर्मचारी से E0 बने अधिकारियों ने संभाला कई विभागों में मोर्चा
हड़ताल के दिन संयंत्र से लगातार खबर आ रही थी कि कई विभागों में उत्पादन करने हेतु उपकरण चलाने के लिए कर्मी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में संयंत्र के उच्च प्रबंधन में योजना बनाई कि विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मचारी जो उन उपकरणों को चलाना जानते हैं किंतु कर्मचारी से अधिकारी बनकर दूसरे विभागों में स्थानांतरित हुए हैं, उन्हें वापस बुलाकर उत्पादन की प्रक्रिया को जारी रखा जाए। इस योजना के तहत कुछ प्रमोटी अधिकारी को बुलाकर कुछ उपकरण चलाए गए, जिसके कारण थोड़ा बहुत उत्पादन दिख रहा है, जिसे प्रबंधन सामान्य उत्पादन बता रहा है।
OA क्यों नहीं संभाल पाया एक दिन का उत्पादन
सीटू ने कहा कि कई मुद्दों पर ऑफिसर एसोसिएशन (Officers Association) और संयुक्त ट्रेड यूनियन (Joint Trade Union) मिलकर आंदोलन किया है, उन आंदोलनों में कई बार जाम जैसी स्थिति निर्मित होने के कारण जनता को कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा है। किंतु जनता यह समझती है कि आंदोलन में यह सब होता है, क्योंकि बड़ी कार्रवाइयों में यह सब आम बात है। किंतु कर्मियों के आंदोलन से ऑफिसर एसोसिएशन न केवल तिलमिला उठा, बल्कि आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए धमकी भरे लहजे में बयानबाजी भी कर दिया।
ये खबर भी पढ़ें: पेंशन योग्य वेतन सीमा 21,000 करने और 3000 रुपए न्यूनतम पेंशन पर अब ये बात आई
हड़ताल में शामिल संगठनों ने अधिकारियों को संयंत्र में जाने से नहीं रोका। अधिकारियों के लिए चिंता करने वाली ऑफिसर एसोसिएशन (Officers Association) को उच्च प्रबंधन के सामने ऐलान कर अपने अधिकारी वर्ग को एक दिन के लिए उत्पादन संभालने का बयान देना चाहिए था। किंतु ऐसा नहीं कर पाया और यह बता दिया कि कर्मचारी भले ही उनके साथ दे दे, किंतु वह कर्मचारियों के साथ कभी नहीं खड़े रहेंगे।
ये खबर भी पढ़ें: केंद्रीय श्रमायुक्त ने सेल प्रबंधन से मांगी रिपोर्ट, हड़ताल वाले दिन फिर मीटिंग


