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6 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन आयोग का आसार, बोकारो बीएकेएस ने ये कहा…

18/01/2025 (Last updated: 18/01/2025) 1 minute read
There is a possibility of pay commission of 6 lakh central employees, Bokaro BAKS said this…

केंद्र सरकार तथा पब्लिक सेक्टर कंपनियों के अधिकारियो के तर्ज पर सरकारी कंपनियो में कार्यरत 6 लाख कर्मियों के वेतन आयोग का आसार।

  • बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने किया पहल।
  • डीपीई ने 2027 में अगले पे रीविजन कमेटी के दौरान विचार करने का दिया आश्वासन।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा आँठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की घोषणा के बाद पब्लिक सेक्टर मे कार्यरत कर्मियों में भी पहली बार वेतन आयोग/पे रीविजन गठित होने की संभावना बढ़ गई है।

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वहीं, 1997 से पब्लिक सेक्टर में कार्यरत अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार ने पे रीविजन कमेटी गठित करती है। अभी तक पब्लिक सेक्टर के अधिकारियों के लिए तीन पे रीविजन कमेटी गठित कर चुकी है।

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वर्तमान में, सेल सहित सभी पब्लिक सेक्टर में कार्यरत गैर कार्यपालक कर्मचारियो के वेतन भत्ते के निर्धारण के लिए अलग अलग संयुक्त कमेटी गठित है। जैसे सेल के लिए एनजेसीएस, कोयला के लिए जेबीसीसीआई, एनटीपीसी के जेसीसी, नालको के लिए एनजेसी आदि कमेटियों के द्वारा उसके कर्मचारियों के वेतन भत्ते का निर्धारण होता है।

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उक्त प्रक्रिया में सभी पब्लिक सेक्टर प्रबंधन द्वारा वहाँ के यूनियन प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की जाती है तथा मोलभाव के बाद वेतन में वृद्धि पर सहमति होती है।

वहीं, सभी पब्लिक सेक्टर में सक्रिय यूनियने, वहाँ के प्रबंधन पर दवाब डालने के लिए हड़ताल, धरना/प्रदर्शन, टूल डाउन, बंद आदि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सहारा लेती हैं। इससे कंपनी के उत्पादन तथा औद्योगिक संबंध पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

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कुछ प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियाँ तथा कार्यरत कर्मचारियों की संख्या

कोल इंडिया-2 लाख 30 हजार
सेल-44500
बीएसएनएल-48000
एफसीआई- 38000
तेल कंपनी-34200
खनन कंपनी-18300
आरआईएनएल-13000
उर्वरक कंपनी-4500
भारी उद्योग-22000

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वेतन आयोग के लाभ

हड़ताल, धरना, प्रदर्शन , बंद आदि घटनाओं में भारी कमी।
तय समय पर एक समान वेतन वृद्धि
स्पष्ट गाईडलाईन के कारण प्रबंधन, गलत वेज रीविजन नहीं लागू कर पाएगी।
सभी पीएसयू में अलग-अलग मीटिंग के नाम पर होटलों का खर्च, टीए डीए के बिल खर्च में भारी कमी होगी।
-यूनियन नेता कर्मचारियों की अन्य सुविधाओं को लागु करवाने पर ध्यान दे पाएंगे।

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वेतन आयोग समय की माँग है

हमारी यूनियन पहली यूनियन है, जिसने वेतन आयोग का माँग किया है। डीपीई ने लिखित में आश्वासन भी दिया है। सेल सहित अन्य पीएसयू में कार्यरत सभी अधिकारियों के लिए अभी तक तीन-तीन वेतन आयोग गठित किया जा चुका है। जिसके आधार पर सभी पीएसयू के अधिकारियों को आराम से 15% एमजीबी, 35% पर्क्स तथा 5% पीआरपी का लाभ मिल जाता है।

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इन्हीं पीएसयू के कर्मचारियों को अपने वेतन वृद्धि, बोनस के लिए हड़ताल, बंद, प्रदर्शन आदि हथियायों का इस्तेमाल करना होता है। वेतन आयोग समय की माँग है। हम भी देश के लिए काम कर रहे है।
हरिओम, अध्यक्ष-बीएकेएस, बोकारो

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