बोकारो स्टील प्लांट के Director-in-Charge प्रिय रंजन कर जांच कमेटी का नेतृत्व। विस्तृत समीक्षा भी इस्पात मंत्रालय करेगा।
- आरआईएनएल प्रबंधन ने मृतक कर्मचारियों के परिवारों के लिए बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है।
सूचनाजी न्यूज, विशाखापट्टनम। राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुए भीषण अग्निकांड के बाद केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दुर्घटना की समीक्षा की, अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की तथा प्रबंधन को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस भयावह हादसे में अब तक 8 कर्मचारियों और श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद पूरे इस्पात उद्योग जगत में शोक की लहर है।
मृतक परिवारों को 25 लाख और एक सदस्य को नौकरी
हादसे के बाद आरआईएनएल प्रबंधन ने मृतक कर्मचारियों के परिवारों के लिए बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है। कंपनी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को वैधानिक सेवा लाभों के अतिरिक्त 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) देने का फैसला किया है। इसके साथ ही प्रत्येक मृतक कर्मचारी के परिवार से एक पात्र सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी, ताकि परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न न हो।
गंभीर घायलों को ₹10-10 लाख की सहायता
आरआईएनएल ने घोषणा की है कि हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च कंपनी स्वयं वहन करेगी।
इस्पात मंत्री कुमारस्वामी ने अस्पताल में भर्ती कर्मचारियों से मुलाकात के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बच्चों की शिक्षा का खर्च भी उठाएगा आरआईएनएल
आरआईएनएल प्रबंधन ने राहत पैकेज के तहत एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है। कंपनी मृतक और घायल कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा का पूरा ध्यान रखेगी। इसके अलावा प्रभावित परिवारों को कंपनी आवास (क्वार्टर) और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराती रहेगी, ताकि इस कठिन समय में परिवारों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े।
हादसे के कारणों की होगी स्वतंत्र जांच
केंद्रीय इस्पात मंत्री ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए स्वतंत्र जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच समिति यह पता लगाएगी कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा मानकों में कहीं कोई चूक हुई थी।
पहले ही एक बाहरी जांच समिति गठित की जा चुकी है, जिसका नेतृत्व Director-in-Charge बोकारो स्टील प्लांट प्रिय रंजन कर रहे हैं। समिति तकनीकी पहलुओं और सुरक्षा प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा करेगी।
कैसे हुआ था हादसा
सोमवार शाम करीब 4:15 बजे विशाखापट्टनम स्टील प्लांट के स्टील मेल्ट शॉप-1 (एसएमएस-1) के कास्टर-2 में कास्टिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान लेडल से टंडिश में पिघला हुआ स्टील डालने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले अचानक भीषण विस्फोट हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही क्षणों में आग का विशाल गोला छत तक पहुंच गया और ओवरहेड क्रेन भी आग की चपेट में आ गई। विस्फोट के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और कई कर्मचारी आग एवं अत्यधिक तापमान की चपेट में आ गए।
प्रधानमंत्री ने भी जताया शोक
हादसे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
इस्पात उद्योग में शोक का माहौल
देश के सबसे बड़े एकीकृत इस्पात संयंत्रों में से एक विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुए इस हादसे ने पूरे इस्पात क्षेत्र को झकझोर दिया है। संयंत्र परिसर में शोक का माहौल है, जबकि मृतक कर्मचारियों के घरों में मातम पसरा हुआ है। कर्मचारी संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच, सुरक्षा मानकों की समीक्षा और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
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