निष्पक्ष-व्यापक जांच से दुर्घटना के वास्तविक कारण पता चलेंगे। कमेटी के सुझावों को देश के सभी स्टील प्लांट में लागू किया जाना चाहिए।
- दुखद घड़ी में पूरा स्टील समुदाय आरआईएनएल के साथ खड़ा है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई/विशाखापत्तनम। स्टील एक्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (SEFI) ने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संगठन ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायल कर्मचारियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
सेफी चेयरमैन व एनसीओए के कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर के नेतृत्व में एक टीम वाइजैग स्टील प्लांट का दौरा करने वाली है। घायलों से मुलाकात करेगी। साथ ही मंगलवार को ही सेल के सभी प्लांट और खदान में शोक सभा की तैयारी है। बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन की ओर से प्रगति भवन में श्रद्धांजलि सभा की तैयारी है। सेल के सभी प्लांट के आफिसर्स एसोसिएशन टाइम तय करके शोकसभा करेंगे।
सेफी का कहना है कि देशभर के इस्पात क्षेत्र के अधिकारियों की ओर से आरआईएनएल के कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त की जाती है। संगठन ने कहा कि इस दुखद घड़ी में पूरा स्टील समुदाय आरआईएनएल के साथ खड़ा है।
सेफी ने कहा कि इस्पात उद्योग अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य वातावरण में संचालित होता है, जहां हॉट मेटल, भारी मशीनरी, अत्यधिक तापमान और जटिल औद्योगिक प्रक्रियाओं के बीच काम करना पड़ता है। वर्षों में सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, लेकिन यह दुर्घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि औद्योगिक संचालन में सुरक्षा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
सेफी ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी का यह अधिकार है कि वह अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद सुरक्षित अपने घर लौटे। इसलिए कार्यस्थल पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाना चाहिए। साथ ही सुरक्षित कार्यप्रणालियों का सख्ती से पालन, पर्याप्त प्रशिक्षण, प्रभावी निगरानी तथा महत्वपूर्ण संचालन से जुड़े सिस्टम और प्रक्रियाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सेफी ने हादसे की जांच कर रही सक्षम एजेंसियों और अधिकारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि निष्पक्ष और व्यापक जांच से दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। संगठन का मानना है कि जांच से मिलने वाले सबक और सुझावों को देश के सभी स्टील प्लांटों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
बयान में कहा गया कि कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण केवल प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि अधिकारियों, पर्यवेक्षकों, श्रमिकों और इस्पात उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों की साझा जिम्मेदारी है।
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सेफी महासचिव संजय आर्या ने बताया कि हादसे में दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई है और सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सुरक्षा संस्कृति को और मजबूत बनाकर ही इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।

