SAIL NEWS: सुरक्षा के लिए तैनात सीआइएसएफ जवानों की सैलरी, हथियार, वर्दी, मकान, मेडिकल सुविधा का खर्च सेल उठाती है।
- जुलाई 2026 से SAIL CISF की तैनाती पर होने वाले खर्च का केवल 50% तक ही वहन करने की तैयारी में।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के खर्चे को कम करने का जुगाड़ हर तरफ से लगाया जा रहा है। सेल कारपोरेट आफिस से एक स्पेशल टीम भिलाई स्टील प्लांट में डटी हुई है।
बीएसपी के सीजीएम, जीएम संग कुछ अधिकारियों की टीम विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में है। वहां सीआइएसएफ (CISF) की संख्या और बजट को कैसे कम किया जा रहा है। इसका अध्ययन कर रही है। सेल भिलाई स्टील प्लांट (Bhilai Steel Plant) में 1400 सीआइएसएफ जवान हैं।
दूसरी ओर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल-सीआइएसएफ मद में सालाना 110 करोड़ आरआइएनएल (RINL) खर्च करता है। इसको 55 करोड़ में लाया जा रहा है। इसी फॉर्मूले पर सेल बीएसपी की टीम वाइजैग स्टील प्लांट (Vizag Steel Plant) में स्टडी कर रही है। इसकी रिपोर्ट सेल कारपोरेट आफिस को सौंपी जाएगी। इसके बाद एक साथ सीआइएसएफ की संख्या को आधा करने का आदेश जारी कर दिया जाएगा।
SAIL की विभिन्न इकाइयों में CISF कर्मियों की तैनाती की गहन समीक्षा की जा रही है। इसका लक्ष्य कुल मिलाकर 50% की कमी लाना है। यह निर्णय लिया गया है कि जुलाई 2026 से, SAIL CISF की तैनाती पर होने वाले खर्च का केवल 50% तक ही वहन करेगा। इस संबंध में, MHA (भारत का गृह मंत्रालय) को एक औपचारिक सूचना भेजी जा सकती है।
सुरक्षा के लिए तैनात सीआइएसएफ जवानों की सैलरी, हथियार, वर्दी, मकान, मेडिकल सुविधा का खर्च सेल उठाती है। इधर, मैनपॉवर कम करने के आदेश के बाद सीआइएसएफ पर भी सबकी नजर टिक गई।
हर माह करीब डेढ़ लाख तक एक जवान पर खर्च
सेल कारपोरेट आफिस के मुताबिक एक सीआइएसएफ जवान पर करीब डेढ़ लाख रुपए महीने का खर्च आता है। सैलरी, मकान, मेडिकल सुविधा आदि के मद में कंपनी खर्च करती है। वहीं, आरआइएनएल को संभालने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार भी मदद कर रही है। आंध्र प्रदेश के प्रोटेक्शन फोर्स, स्टेट होम गार्ड को प्लांट में लगाने वाले हैं। करीब चार साल तक राज्य सरकार कोई पैसा भी नहीं लेगी।
आरआइएनएल में 110 करोड़ का बजट
विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में 1100 सीआइएसएफ जवान हैं। इसका बजट 110 करोड़ का सालाना है। अब इस संख्या को 450 करोड़ करने वाले हैं। इसका खर्च 55 करोड़ रुपए आएगा। प्लांट के अंदर के विभागों में जहां-जहां सीआइएसएफ जवान तैनात हैं, वहां से हटाया जाएगा। स्टोर आदि को फोकस किया जा रहा है। आक्सीजन प्लांट, बिजली प्लांट आदि जगह पर सीआइएसएफ की ड्यूटी रहेगी, बाकी जगह हटा देंगे।
सिक्योरिटी के लिए ड्रोन की मदद भी
आरआइएनएल की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ड्रोन की मदद भी ली जाएगी। कंपनी ड्रोन खरीदेगी, ताकि मैदानी इलाकों पर नजर रखी जा सके। सेल के प्लांट की बात की जाए तो यहां प्राइवेट सिक्योरिटी या एक्स सर्विसमैन की सेवा लेने की बात सामने आ रही है।








