Skip to content
24/08/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Suchnaji

Suchnaji

सबकी खबर | सबसे पहले और सटीकता से ….

Primary Menu
  • अतिरिक्त ख़बरें
  • कोल इंडिया
  • छत्तीसगढ़
  • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • धर्म-संस्कृति
  • रेलवे
  • लोकसभा/विधानसभा चुनाव
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री
Light/Dark Button
Subscribe
  • Home
  • ताज़ा ख़बरें
  • IMD ने क्यों बढ़ाया मानसून सीजन, जानें बड़ी वजह
  • छत्तीसगढ़
  • ताज़ा ख़बरें

IMD ने क्यों बढ़ाया मानसून सीजन, जानें बड़ी वजह

10/09/2024 (Last updated: 11/10/2024) 1 minute read
Chhattisgarh-Weather-Weather-of-the-state-changed-amidst-extreme-heat-cloudy-possibility-of-rain-here

सूचनाजी न्यूज | IMD ने मानसून सीजन को बढ़ाया दिया है। इसके पीछे बड़ी वजह बताई जा रही है। इसकी सभी जगह जमकर चर्चा हो रही है। @Suchnaji.com News आपको बताने जा रहा है कि इसकी इतनी चर्चा क्यों हो रही ? क्या है मानसून में इस बदलाव का कारण ? फसलों को बचाने के लिए क्या किया जा सकता है ? वापस लौटते मानसून सीजन के बारे में विस्तार से बात की जाएगी। साथ ही खाद् सुरक्षा पर विस्तारित मानसून के प्रभाव बारे में भी चर्चा की जाएगी।

ये खबर भी पढ़ें: एसएमएस-2 के कर्मियों ने किया बेहतर काम, मिला कर्म एवं पाली शिरोमणी सम्मान

-जानिए क्यों है चर्चा में

भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) (IMD) के हालिया पूर्वानुमान के अनुसार 2024 का मानसून सीजन बेहद अप्रत्याशित रहा है और यह अक्टूबर तक बढ़ सकता हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का दावा है कि इस साल का बढ़ा हुआ मानसून कोई असामान्य बात नहीं है। यह एक दशक से भी अधिक समय से धीमी गति से बनने वाला रुझान है।

ये खबर भी पढ़ें: बीएसपी के बीआरएम ने फिर बनाया कीर्तिमान

-क्या है मानसून में इस बदलाव का प्रमुख कारण

जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में मानसून का पैटर्न तीव्र हो रहा है, जिसके कारण अनियमित और अत्यधिक वर्षा हो रही है। समुद्र के बढ़ते तापमान और वायुमंडलीय परिवर्तनों के कारण नमी का स्तर बढ़ रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप भारी वर्षा और बाढ़ आ रही है।

ये खबर भी पढ़ें: बीएसपी के 9 अधिकारी, 70 कर्मचारी सेवानिवृत्ति

जबकि अल नीनो ने शुरू में मानसून को कमजोर कर दिया, जिससे कुछ क्षेत्रों में सूखा पड़ गया। वहीं ला नीना के कारण अत्यधिक बारिश और बाढ़ आई है।

जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभावों के साथ मिलकर ये अस्थिर मौसम पैटर्न मानसून की अप्रत्याशितता को और खराब कर रहे हैं और पूरे भारत में कृषि, जल प्रबंधन और दैनिक जीवन को बाधिक कर रहे है।

ये खबर भी पढ़ें: बीएसपी के 9 अधिकारी, 70 कर्मचारी सेवानिवृत्ति

-खाद्य सुरक्षा पर विस्तारित मानसून का प्रभाव

इस वर्ष का विस्तारित मानसून खरीफ फसलों के लिए परेशानी लेकर आया हैं, जिन्हें मानसूनी फसलें भी कहा जाता है, क्योंकि अच्छी पैदावार मानसून के समय पर लौटने पर निर्भर करती हैं।

ये खबर भी पढ़ें: भिलाई स्टील प्लांट ने पीसीबी प्लांट में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक संपन्न किया

अत्यधिक वर्षा के कारण खेत अत्यधिक भीग जाते है, जिससे कटाई के बाद तैयार उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होता है, जिससे फसल के नुकसान का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि धान, मक्का और कपास जैसी खरीफ फसलें नमी के स्तर के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होती है।

ये खबर भी पढ़ें: Monkey Pox को लेकर अलर्ट, एडवाइजरी जारी, पढ़िए जानलेवा वायरस के बारे में

मानसून का यह बदलता स्वरूप भारत के कृषक समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां वर्षा आधारित कृषि प्रमुख है।
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2015-16 और 2021-22 के बीच बाढ़ और भारी वर्षा जैसी जल-मौसम संबंधी आपदाओं ने 33.9 मिलियन हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया है।

ये खबर भी पढ़ें: कहने को इंटरनेशनल तालपुरी कॉलोनी, हालात नर्क से बदतर, सांसद जी दीजिए ध्यान…

-फसलों को बचाने ये करें

विशेषज्ञ अधिक से अधिक जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों के निर्माण और अनुकूलन का सुझाव देते हैं।

जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को देखते हुए कृषि नियोजन में आमूलचूल परिवर्तन अत्यंत प्रासंगित हो गया है।

फसलों में विविधता लाना, जल निकासी प्रणालियों में सुधार करना तथा सूखा एवं बाढ़ प्रतिरोधी किस्मों को अपनाना कुछ ऐसी रणनीतियां हो, जो अनियमित मानसून के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकती है।

ये खबर भी पढ़ें: राउरकेला स्टील प्लांट सेल की सभी इकाइयों में निकला आगे, ब्लास्ट फर्नेस में बायोचार इंजेक्शन शुरू

-वापस लौटते मानसून सीजन के बारे में समझिए

अक्टूबर-नवंबर के दौरान सूर्य के दक्षिण की ओर बढ़ने के साथ उत्तरी मैदानों पर मानसून गर्त (Monsoon Trough) या निम्न दबाव गर्त (Low Pressure Trough) कमजोर हो जाता है।

ये खबर भी पढ़ें: Steel Sector News: SAIL के सभी प्लांट, टिस्को, जिंदल, इस्सार, NMDC के एक्सपर्ट का भिलाई में जमावड़ा, बनेगा रोडमैप

धीरे-धीरे इसकी जगह उच्च दबाव वाली प्रणाली ले लेती है। दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं और धीरे-धीरे पीछे हटने लगती है।
अक्टूबर के प्रारंभ तक मानसून उत्तरी मैदानों से वापस चला जाता है।

अक्टूबर-नवंबर के महीने गर्म बरसात के मौसम से शुष्क सर्दियों की स्थिति में संक्रमण का समय होता हैं।

मानसून की वापसी के समय आसमान साफ रहता है और तापमान में वृद्धि होती है।

ये खबर भी पढ़ें: बिजनेस आइडिया: 80 हजार खर्च, 20 हजार सब्सिडी मिली, मिर्ची ने कराई शुद्ध बचत डेढ़ लाख की

About the Author

View All Posts

Post navigation

Previous: राजनांदगांव : आईटीआई राजनांदगांव में 13 सितम्बर को प्लेसमेंट कैम्प
Next: चश्मा उतारने में मदद करेगी ये Eye Drop, पढ़ें काम की खबर

Related Stories

Bhilai Township Chamber raises questions as the amount to be deposited for lease renewal remains unknown
  • ताज़ा ख़बरें
  • दुर्ग-भिलाई

Bhilai Township: व्यापारियों में बढ़ा असंतोष, लीज नवीनीकरण का कितना पैसा करना है जमा, पता नहीं, चैंबर ने उठाए सवाल

Azmat ali 24/08/2026
BMS office-bearers met the BSP CGM Mechanical and offered suggestions to prevent accidents
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

दुर्घटना से बचना है तो कन्वेयर गैलरी, स्ट्रक्चर और क्रेन का डेली मेंटेनेंस व सफाई जरूरी

Azmat ali 24/08/2026
Rakesh Kumar ED (Works) at BSP is the Honorary Chairman of the IIM Bhilai Chapter
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

IIM Bhilai Chapter: ईडी वर्क्स राकेश कुमार, तापस दासगुप्ता, पुष्पा, शंकर, उदय तिवारी संग ये नई कमेटी में, पढ़ें डिटेल

Azmat ali 24/08/2026

You May Have Missed

Bhilai Township Chamber raises questions as the amount to be deposited for lease renewal remains unknown
  • ताज़ा ख़बरें
  • दुर्ग-भिलाई

Bhilai Township: व्यापारियों में बढ़ा असंतोष, लीज नवीनीकरण का कितना पैसा करना है जमा, पता नहीं, चैंबर ने उठाए सवाल

Azmat ali 24/08/2026
BMS office-bearers met the BSP CGM Mechanical and offered suggestions to prevent accidents
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

दुर्घटना से बचना है तो कन्वेयर गैलरी, स्ट्रक्चर और क्रेन का डेली मेंटेनेंस व सफाई जरूरी

Azmat ali 24/08/2026
Rakesh Kumar ED (Works) at BSP is the Honorary Chairman of the IIM Bhilai Chapter
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

IIM Bhilai Chapter: ईडी वर्क्स राकेश कुमार, तापस दासगुप्ता, पुष्पा, शंकर, उदय तिवारी संग ये नई कमेटी में, पढ़ें डिटेल

Azmat ali 24/08/2026
Bhilai News Dr SA Rizvi Passes Away
  • ताज़ा ख़बरें
  • दुर्ग-भिलाई

सेक्टर 9 हॉस्पिटल के पूर्व चिकित्सक एसए रिज़वी साहब का इंतकाल, आज शाम होंगे सुपुर्द-ए-खाक

Azmat ali 24/08/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Copyright © 2026 All rights reserved. | ReviewNews by AF themes.