BSP कर्मचारियों को तुरंत दें नॉन फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम का गिफ्ट, इंटक बोला-मनोबल संग बढ़ेगा प्रोडक्शन

BSP Employees Should be Given Gifts Under the Non Financial Motivation Scheme
  • अपेक्स कमेटी ने मांग की है कि जनवरी 2026 से तत्काल नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम लागू की जाए।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील इंप्लाइज यूनियन इंटक की अपेक्स कमेटी की बैठक यूनियन कार्यालय, सेक्टर-3 में आयोजित की गई। बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के कर्मचारियों के गिरते मनोबल एवं उत्पादन लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर गंभीर चर्चा की गई।

बैठक में यह चिंता व्यक्त की गई कि दिसंबर माह बीत जाने के बावजूद बीएसपी प्रबंधन द्वारा अब तक कोई भी नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम लागू नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

नियमित कर्मचारियों की संख्या लगातार घट रही है, जबकि उत्पादन एवं लाभ में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसके बावजूद प्रबंधन आज भी वर्ष 2007 की पुरानी इंसेंटिव स्कीम लागू किए हुए है, जो वर्तमान परिस्थितियों में कर्मचारियों के लिए अत्यंत अपर्याप्त है।

अपेक्स कमेटी ने मांग की कि जनवरी 2026 से तत्काल नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम लागू की जाए, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़े और उत्पादन लक्ष्य एवं लाभार्जन में वृद्धि हो सके।

बैठक में यह भी मांग की गई कि भिलाई इस्पात संयंत्र में रखरखाव एवं सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि लगातार हो रही आगजनी एवं दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

इसके अतिरिक्त टाउनशिप में कर्मचारियों के आवासों की दुर्दशा पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। टाउनशिप प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की शिकायतों की अनदेखी की जा रही है। आवास हस्तांतरण के समय “वास्तविक स्वरूप में आवास देने की बाध्यता” के कारण अतिरिक्त निर्माण तोड़ने से आवास जर्जर हो जाते हैं, जिससे नए आवंटी को अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है।

इंटक ने मांग की कि इस बाध्यता को समाप्त किया जाए तथा “सब्जेक्ट टू वेकेशन” व्यवस्था पुनः लागू की जाए। इस अवसर पर स्टील इंप्लाइज यूनियन इंटक के महासचिव संजय कुमार साहू ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र निरंतर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है, लेकिन प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के मनोबल एवं सुविधाओं में लगातार कटौती की जा रही है। इन सभी मुद्दों को लेकर शीघ्र ही प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा टाउनशिप प्रबंधन से सुविधाओं में सुधार हेतु बैठक की जाएगी। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो यूनियन आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

बैठक में पूरन वर्मा, आर. सुमन, गिरिराज देशमुख, अजय मार्टिन, तुरिंद्रर सिंह, सुरेश श्याम, कुमार कौशलेंद्र सिंह, विश्वनाथ साहू, जे.के. सूर्यवंशी, रामजीत सिन्हा, शिव शंकर सिंह, रेशम लाल राठौर, एस.बी. सिंह, गुरुदेव साहू, ताम्रध सिंह, राजकुमार विजय, विश्वकर्मा जयराम ध्रुव, गोविंद राठौर, गणेश सोनी, मलय बनर्जी, सरोज राठौर, अजीत मोहन सोनी, डी.के. चौहान, बाल सिंह, शिव शंकर साहू सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।