SAIL News: डिप्लोमा इंजीनियर्स को दें अलग सुपरवाइजरी कैडर, सेक्शन इंजीनियर पदनाम, बढ़ाइए जूनियर आफिसर की 10% तक सीट 

SAIL News Create a Separate Supervisory Cadre for Diploma Engineers Increase Seats by 10
  • IOCL और HPCL जैसी अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में इस प्रकार की व्यवस्था लागू की गई है।
  • चार प्रमुख मांगों के साथ डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने सौंपा मांग-पत्र। सेफ्टी, उत्पादकता और करियर ग्रोथ पर फोकस।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन, भिलाई द्वारा आज डिप्लोमा इंजीनियर्स की सेवा संरचना एवं करियर प्रगति से संबंधित चार प्रमुख मांगों को लेकर एक मांग-पत्र कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) के नाम से महाप्रबंधक (IR) विकास चन्द्र को सौंपा गया।

एसोसिएशन ने बताया कि डिप्लोमा इंजीनियर्स भिलाई इस्पात संयंत्र के उत्पादन, ऑपरेशन, मेंटेनेंस, सेफ्टी एवं क्वालिटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए सेवा संरचना में आवश्यक सुधार समय की मांग बन चुके हैं।

मांग-पत्र में प्रमुख रूप से डिप्लोमा इंजीनियर्स के लिए पृथक सुपरवाइजरी कैडर की स्थापना की मांग की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि इससे शॉप फ्लोर पर सेफ्टी कल्चर मजबूत होगा, ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस में सुधार आएगा, ब्रेकडाउन में कमी होगी तथा क्वालिटी और उत्पादकता में वृद्धि होगी।

इसके साथ ही वर्क्स एरिया में सेक्शन ऑफिसर की तर्ज पर सेक्शन इंजीनियर पदनाम लागू करने की मांग रखी गई, जिससे तकनीकी कार्यों को उचित पहचान मिलेगी और जिम्मेदारियों में स्पष्टता आएगी।

एसोसिएशन ने यह भी मांग की कि 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा के पश्चात डिप्लोमा इंजीनियर्स को अधिकारी वर्ग में पदोन्नति का अवसर दिया जाए, जिससे अनुभवी और दक्ष कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा तथा संगठन को समर्पित नेतृत्व प्राप्त होगा।

इसके अलावा कनिष्ठ अधिकारी पदों की संख्या वर्तमान में S6 से S11 ग्रेड की 2% सीमा से बढ़ाकर कुल नॉन-एक्जीक्यूटिव (S1 से S11) कर्मचारियों की संख्या के 10% तक करने की मांग की गई। एसोसिएशन ने उदाहरण देते हुए बताया कि IOCL और HPCL जैसी अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में इस प्रकार की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे कर्मचारियों की उत्पादकता, जिम्मेदारी और कार्य संतोष में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने से भिलाई इस्पात संयंत्र की तकनीकी दक्षता, सेफ्टी प्रदर्शन और संगठनात्मक मजबूती को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

एसोसिएशन के महासचिव मोहम्मद रफी ने प्रबंधन से अपील की कि डिप्लोमा इंजीनियर्स की इन न्यायोचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र निर्णय लिया जाए।

इस अवसर पर एसोसिएशन की ओर से महासचिव मोहम्मद रफी, उपाध्यक्ष उषाकर चौधरी, कोषाध्यक्ष रमेश कुमार, श्रवण पांडे,किरण वैद्य, सुमित कुमार आदि उपस्थित थे।