- केंद्र सरकार बिहार में हुए चुनावी जीत से उत्साहित होकर दादागिरी के साथ इन श्रम कोड को अधिसूचित कर दिया।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी को हड़ताल है। भिलाई इस्पात संयंत्र की ट्रेड यूनियनों ने कहा-सरकार की जन विरोधी, मजदूर विरोधी चार कोड के तहत बनाए गए श्रम कानून एक अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहा है, जिसे रोकने के लिए 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है।
इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए भिलाई के संयुक्त यूनियन एक तरफ जहां संयंत्र के अंदर अलग-अलग विभागों में प्रचार कर रही है। वहीं, संयंत्र के बाहर अलग-अलग सेक्टरों एवं मार्केट क्षेत्र में लोगों के बीच पर्चा बांटकर नुक्कड़ सभाएं कर लगातार प्रचार कर रही है।
मजदूरों को गुलाम बनाने का दस्तावेज है लेबर कोड
प्रचार के दौरान नेताओं ने कहा कि लंबे संघर्षों के बाद कुर्बानियां देकर मजदूरों ने अपने लिए श्रम कानून को हासिल किया। किंतु मौजूदा केंद्र सरकार अपने कॉर्पोरेट मित्र अंबानी, अडानी आदि को लाभ पहुंचाने के लिए इन 29 श्रम कानून को खत्म कर चार लेबर कोड बनाया है।
जिन्हें 21 नवंबर 2025 को केंद्र सरकार ने अधिसूचित कर दिया। अब उसकी नीतियां भी जारी कर दिया है, जिसे लागू करने की तैयारी चल रही है यदि यह नए श्रम कानून लागू हो गए तो मजदूरों की जिंदगी बद से बद्तर हो जाएगा। यह लेबर कोड मजदूरों को गुलाम बनाने का दस्तावेज है जिसे हर हाल में रोकना जरूरी है।
लेबर कोड को वापस करने तक चलता रहेगा संघर्ष
यूनियन नेताओं ने कहा कि 2020 से इन श्रम कोड को लागू होने से रोकने के लिए संघर्ष किया जा रहा है, जब जब सरकार ने इन्हें लागू करने की कोशिश की ट्रेड यूनियनों ने राष्ट्रव्यापी बड़े-बड़े हड़तालों को संगठित किया।
विरोध प्रदर्शन किया जिसके चलते केंद्र सरकार इसे लागू नहीं कर पाई किंतु पिछले दिनों बिहार में हुए चुनावी जीत से उत्साहित होकर दादागिरी के साथ इन श्रम कोड को अधिसूचित कर दिया। अब इसको रोकने के लिए पूरे देश में संघर्ष तेज कर दिया गया है और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्र सरकार इन लेबर कोड को वापस नहीं ले लेता।











