- ईडी वर्क्स राकेश कुमार बोले-दुर्घटना होने के बाद नहीं, दुर्घटना के पहले दें जानकारी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई इस्पात संयंत्र में आप काम करते हैं तो ये फोन नंबर 0788-286-1212 और 0788-286-1111 जरूर सेव कर लीजिए। खुद के लिए और अपने साथियों के लिए ऐसा जरूर करें। प्लांट में कहीं भी असुरक्षित कार्य कोई करता दिखे। या जबरन विभाग में अधिकारी काम कराने के लिए जोर लगाएं तो आप ऊपर दिए गए फोन नंबर पर कॉल कर दीजिए।
ईडी वर्क्स राकेश कुमार ने खुद इस इस नंबर को प्रसारित कराया है ताकि प्लांट में हादसों को रोका जा सके। इसलिए इस मुहिम में आप भी हिस्सा लें और असुरक्षित कार्य होने से रोकने में मददगार बनें।
सीटू के महासचिव टी.जोगा राव, अध्यक्ष विजय कुमार जांगड़े, सहायक महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी, डीवीएस रेड्डी, के. सुंदर ने हादसों को रोकने के लिए ईडी वर्क्स राकेश कुमार को कई सुझाव दिए। इस पर ईडी वर्क्स ने कहा-हर तरफ से अभियान चलाना होगा। सबको अपनी हिस्सेदारी निभानी होगी। प्लांट में जगह-जगह होर्डिंग लगाई गई है, जिस पर फोन नंबर लिखे हैं। बगैर किसी झिझक के कर्मचारी-अधिकारी फोन करें।
विजन को बड़ा करना होगा
चर्चा के दौरान ईडी वर्क्स ने कहा कि हम अक्सर घटना अथवा दुर्घटना हो जाने के बाद सुरक्षा के उपाय कर रहे हैं, जबकि दुर्घटना ना होने के सारे संभावनाओं के ऊपर हमें हमेशा सोचते रहना चाहिए। विजन को बड़ा करना होगा, ताकि घटना घटने के पहले ही उपायों की दिशा में काम कर सकें, ताकि घटनाओं अथवा दुर्घटनाओं को कम करते हुए धीरे-धीरे पूरी तरह से रोक लगाया जा सके।
इसीलिए कामगारों को अपने विभागीय स्तरों के उच्च अधिकारियों, विभाग प्रमुखों से लेकर ईडी वर्क्स के स्तर तक अपने सुझाव को पेश करते रहना चाहिए, तभी उन सुझावों का अध्ययन कर उस पर काम किया जा सकेगा।
सेफ्टी कंट्रोल में फोन करके दें सुझाव
संयंत्र के अंदर असुरक्षित कार्य असुरक्षित घटनाएं, दुर्घटनाएं एवं संयंत्र के कार्य स्थल को बेहतर और सुरक्षित बनाने के सुझाव आदि को सेफ्टी कंट्रोल के लिए जारी किए गए नंबरों पर सूचित किया जाना चाहिए, ताकि लगातार स्थितियों में सुधार होते रहे।
सेफ्टी कंट्रोल के फोन नंबर हर विभाग में डिस्प्ले किए गए हैं। साथ ही साथ नियर मिस केस अर्थात बाल बाल बचने वाली घटनाओं को भी सूचित किया जाना चाहिए, ताकि उन घटनाओं से बचा जा सके। इन कदमों से दुर्घटनाएं धीरे-धीरे कम होने लगेगी और सुरक्षित कार्य करने की दिशा में हर स्तर पर चेतना का संचार होगा।















