इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक के एक्शन से हड़कंप मचा हुआ है। सेल कारपोरेट आफिस Compulsory Retirement को लेकर काफी सख्त रुख अपनाए हुए है।
- जिस अधिकारी का ग्रेड खराब है और कार्रवाई हो चुकी है, वह लपेटे में आ रहे हैं।
अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल में मजदूरों की छंटने से पहले अधिकारियों पर गाज गिरने जा रही है। सेल के भिलाई, राउरकेला, बोकारो, दुर्गापुर, बर्नपुर, खदान आदि से लिस्ट तैयार की जा रही है। राउरकेला स्टील प्लांट समेत कई यूनिट ने नाम तक फाइनल कर लिए हैं। जबरिया रिटायरमेंट (Compulsory Retirement) की लिस्ट तेजी से तैयार हो रही है। आरएसपी से करीब एक दर्जन अधिकारियों का नाम लिस्ट में बताया जा रहा है। इसी के आसपास बोकारो की संख्या भी है। वहीं, भिलाई स्टील प्लांट की बात की जाए तो एक दर्जन ऊपर आंकड़ा पहुंच रहा है।
सेल कारपोरेट आफिस के उच्चाधिकारी के मुताबिक प्रबंधन सीआर को लेकर काफी सख्त रुख अपनाए हुए है। इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक सीधी नजर बनाए हुए हैं। इसलिए सेल के सभी प्लांट और खदान के अधिकारी युद्धस्तर पर मैनपॉवर कम करने की मुहिम में जुटे हुए हैं। सीआरए के लिए एक कमेटी गठित की गई है। ईडी, सीजीएम, जीएम स्तर के अधिकारी मेंबर हैं। प्लांट और खदान से आने वाली लिस्ट को फाइनल करने में जुटे हैं।
ये अधिकारी सबसे ज्यादा खतरे में
सेल कारपोरेट आफिस सीआर के लिए फॉर्मला तय कर चुका है। जिस अधिकारी को लगातार 3 बी, सी, विजिलेंस द्वारा दोषी पाए जाने, चार्जशीट आदि मामलों में फंसे अधिकारियों पर सबसे पहले गाज गिरने जा रही है। इसके अलावा किसी के कार्यकाल में कोई हादसा हुआ है तो वह भी लपेटे में आ रहा है।
पिछले 10 सालों का इतिहास खंगाला जा रहा
सेल कारपोरेट आफिस के मुताबिक स्पष्ट संदेश जारी किया गया है कि वर्तमान नहीं, पिछले 10 सालों का इतिहास खंगालना है। 10 सालों के भीतर अधिकारी पर क्या-क्या कार्रवाई हुई है। किस-किस मामलों में आरोपित हैं। लिस्ट में ऐसे अधिकारियों का नाम भी शामिल हो गया है, जो वर्तमान में अपनी छवि सुधार चुके हैं। लेकिन, 10 सालों के रिकॉर्ड के आधार पर वह सीआर की चपेट में आ रहे हैं। सीडीए रूल्स के तहत कार्रवाई होगी। कार्रवाई के दौरान किसी को मूल कार्यस्थल से हटाया गया है तो भी रडार पर है।








