वेतन समझौता, 39 माह के बकाया एरियर, बोनस, ठेका कर्मियों की छंटनी, विस्थापितों के नियोजन और यूनियन चुनाव का मुद्दा उठा।
- बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन, अधिशासी निदेशक (एचआर) राजश्री बनर्जी आदि उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) डॉ. अशोक कुमार पंडा के बोकारो स्टील प्लांट दौरे के दौरान यूनियन नेताओं ने कर्मचारियों और विस्थापितों से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाया। शनिवार देर शाम बोकारो निवास पहुंचे सीएमडी के साथ रात करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों ने वेतन समझौता, 39 माह के बकाया एरियर, बोनस, ठेका कर्मियों की छंटनी, विस्थापितों के नियोजन और यूनियन चुनाव जैसे मुद्दों पर कड़े सवाल किए।
बैठक रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई और लगभग 11 बजे तक चली। इस दौरान विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी, जबकि सीएमडी डॉ. पंडा सभी बिंदुओं को स्वयं नोट करते दिखाई दिए। जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बी.के. चौधरी और संयुक्त महामंत्री एन.के. सिंह ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट के विस्तार को धरातल पर उतारने के लिए प्रबंधन की पहल स्वागत योग्य है, लेकिन कर्मचारियों और स्थानीय विस्थापितों की समस्याओं का समाधान भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अन्य संयंत्रों की तरह बोकारो स्टील प्लांट में गुप्त मतदान के माध्यम से यूनियन चुनाव कराने, 39 माह के एरियर का भुगतान करने तथा इंसेंटिव रिवार्ड स्कीम में व्यापक बदलाव की मांग उठाई।
यूनियन नेताओं ने कहा कि प्लांट के उत्पादन और लाभ में ठेका कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में ठेका मजदूरों की 40 प्रतिशत तक की जा रही छंटनी न केवल श्रमिकों के हितों के खिलाफ है, बल्कि इसका सीधा असर उत्पादन पर भी पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छंटनी पर रोक नहीं लगी और विस्थापितों को रोजगार नहीं मिला तो असंतोष बढ़ेगा, जिससे भविष्य में बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है और इसका प्रभाव प्लांट विस्तार परियोजना पर भी पड़ सकता है।
बैठक में विस्थापित युवाओं को नियोजन देने, एसडब्ल्यू कर्मियों को परिवार सहित मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, यूएसडब्ल्यू कर्मियों के लिए मोटरसाइकिल गेटपास और अन्य श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए।
बैठक में बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन, अधिशासी निदेशक (एचआर) राजश्री बनर्जी, मुख्य महाप्रबंधक (एचआर) अंजनी कुमार शरण सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। वहीं यूनियन पक्ष से बीके. चौधरी, एनके सिंह, आरके सिंह, एसबी सिंह, अबू नसर, बीरेंद्र चौबे, आर.के. गोरवई और कृष्णा राय आदि शामिल हुए।
यूनियन नेताओं ने उम्मीद जताई कि सीएमडी स्तर पर हुई इस सीधी बातचीत के बाद कर्मचारियों, ठेका मजदूरों और विस्थापितों की लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।

