प्रधानमंत्री ईंधन बचाने और अनावश्यक खपत रोकने की अपील कर रहे। स्टील प्लांट के मुख्य गेट पर पेट्रोल-डीजल की बेवजह बर्बादी हो रही है।
- रविवार को हुई इस घटना ने एक बार फिर गेट प्रबंधन, मैनपॉवर तैनाती और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के मुख्य प्रवेश द्वार पर रविवार को अव्यवस्था का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीएसपी बी-शिफ्ट के दौरान एक नंबर गेट पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब 700 से अधिक वाहनों को 10 से 15 मिनट तक रेंगते हुए बाहर निकलना पड़ा। ड्यूटी के बाद सीधे घर भागने की जिद ऐसी कि कार्मिक लगातार हॉन बचाने लगे, शोर-शराब और नारे तक लगाए गए। गेट पर ही एक ही जवान मुस्तैद था, जिससे काफी भीड़ हो गई थी। भीड़ में फंसे एक कार्मिक ने आंखों देखा हाल और फोटो सूचनाजी.कॉम को मुहैया कराया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 10 बजे ड्यूटी करने के बाद कर्मचारी और अधिकारी मेन गेट से बाहर निकलने के लिए लाइन में लगे। एक नंबर गेट खुला हुआ था। लेकिन, यहां सिर्फ एक ही जवान शुरुआत में थे, जिसकी वजह से व्यवस्था संभल नहीं पा रही थी। इस वजह से निकास द्वार पर हंगामा होता रहा। व्यवस्था संभालने के लिए प्रवेश द्वार से सुरक्षा जवानों की संख्या कम करके तत्काल इधर लगाया गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
पर्याप्त सुरक्षा कर्मी नहीं होने के कारण वाहन चालक नो-पार्किंग एरिया तक में गाड़ियां घुसाने लगे। देखते ही देखते गेट पर जाम जैसी स्थिति बन गई। वाहनों की लंबी कतार से परेशान लोग लगातार हॉर्न बजाने लगे। शोर-शराबा बढ़ गया और कुछ लोगों ने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी भी शुरू कर दी। कई वाहन चालकों का कहना था कि जब देश के प्रधानमंत्री ईंधन बचाने और अनावश्यक खपत रोकने की बात कर रहे हैं, तब स्टील प्लांट के मुख्य गेट पर ट्रैफिक प्रबंधन की ऐसी स्थिति से पेट्रोल-डीजल की बेवजह बर्बादी हो रही है।
काफी देर तक बनी अव्यवस्था के बाद अतिरिक्त जवान मौके पर पहुंचे। इसके बाद यातायात को व्यवस्थित किया गया और धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो सकी। हालांकि कर्मचारियों और वाहन चालकों के बीच यह चर्चा रही कि इतने महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठान के मुख्य गेट पर यदि कुछ जवानों के हटते ही व्यवस्था चरमरा जाती है, तो सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की आवश्यकता है।
रविवार को हुई इस घटना ने एक बार फिर गेट प्रबंधन, मैनपॉवर तैनाती और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

