दुर्ग कलेक्टर से आग्रह किया कि वह भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन, कर्मचारी संगठनों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संयुक्त बैठक कराएं।
- सेक्टर-9 अस्पताल पर बढ़ी चिंता, पारदर्शिता की मांग को लेकर सीटू ने कलेक्टर से की मुलाकात।
- अस्पताल के भविष्य पर छाए संशय के बाद कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के सेक्टर-9 स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के भविष्य को लेकर लगातार सामने आ रही खबरों और चर्चाओं के बीच सीटू के प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग कलेक्टर से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अस्पताल से जुड़े लाखों हितधारकों के मन में भविष्य को लेकर गंभीर आशंकाएं उत्पन्न हो रही हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है।
डेलॉयट रिपोर्ट और ईओआई प्रक्रिया पर उठे सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को अवगत कराया कि पिछले वर्ष प्रबंधन द्वारा डेलॉयट नामक परामर्शदाता संस्था से अस्पताल का अध्ययन कराया गया था, किंतु उसका रिपोर्ट गुप्त रखा गया है। इसके बाद अस्पताल संचालन के लिए इच्छुक संस्थाओं से रुचि की अभिव्यक्ति (ई ओ आई) आमंत्रित की गई। आठ संस्थाओं द्वारा रुचि दिखाई गई तथा दो संस्थाओं ने अस्पताल का दौरा भी किया, किंतु इन प्रक्रियाओं के निष्कर्षों और वर्तमान स्थिति के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
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हितधारकों को अंधेरे में रखना उचित नहीं
सीटू ने कहा कि सेक्टर 9 अस्पताल केवल भिलाई इस्पात संयंत्र का एक विभाग नहीं, बल्कि कार्यरत कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, उनके परिवारों और क्षेत्र की आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संस्थान है। ऐसे में इसके भविष्य से जुड़े किसी भी निर्णय या प्रस्ताव की जानकारी हितधारकों से साझा किए बिना आगे बढ़ना उचित नहीं माना जा सकता।
प्रबंधन से पहले भी मांगी गई थी संयुक्त बैठक की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सीटू द्वारा पूर्व में औद्योगिक संबंध विभाग के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन को पत्र लिखकर सभी हितधारकों अथवा उनके प्रतिनिधियों की बैठक बुलाने तथा वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया था। किंतु प्रबंधन द्वारा इस दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे भ्रम और आशंकाएं लगातार बढ़ रही हैं।
पारदर्शिता और जनविश्वास बनाए रखने की आवश्यकता
सीटू ने कलेक्टर के समक्ष यह मांग रखी कि अस्पताल से संबंधित किसी भी योजना, प्रस्ताव अथवा निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। सीटू का मानना है कि सभी पक्षों को विश्वास में लेकर चर्चा किए जाने से अनावश्यक विवादों और अफवाहों पर रोक लगेगी तथा अस्पताल के भविष्य को लेकर स्पष्टता स्थापित होगी।
सभी हितधारकों की संयुक्त बैठक करवाने की अपील
सीटू महासचिव टी. जोगा राव ने बताया प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग कलेक्टर से आग्रह किया कि वे भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन, अस्पताल प्रबंधन, कर्मचारी संगठनों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रतिनिधियों तथा अन्य संबंधित हितधारकों की संयुक्त बैठक आयोजित करवाने की पहल करें। सीटू ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन की पहल से अस्पताल के भविष्य को लेकर वास्तविक स्थिति सामने आएगी और जनहित में एक सकारात्मक एवं लोकतांत्रिक समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।

