श्रद्धांजलि सभा में इंटक, एचएमएस, एटक, सीटू, लोईमू एक्टू, स्टील वर्कर यूनियन सहित कई श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल
- विशाखापट्टनम स्टील प्लांट दुर्घटना के मृतक श्रमिकों को भिलाई में श्रद्धांजलि। बोरिया गेट पर आयोजित हुई संयुक्त श्रद्धांजलि सभा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। विशाखापट्टनम स्टील प्लांट (आरआईएनएल) में 8 जून को हुई दुखद औद्योगिक दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों की स्मृति में 10 जून को भिलाई इस्पात संयंत्र के बोरिया गेट पर संयुक्त यूनियनों द्वारा श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों, कर्मचारियों, अधिकारियों तथा ठेका श्रमिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत श्रमिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
कर्मियों और अधिकारियों ने वाहन रोक कर दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा के दौरान संयंत्र की ओर जा रहे अनेक कर्मचारी और अधिकारी अपनी गाड़ियां रोककर कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दृश्य ने श्रमिक एकजुटता और मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि औद्योगिक दुर्घटनाएं केवल किसी एक संयंत्र या क्षेत्र का विषय नहीं हैं, बल्कि पूरे श्रमिक वर्ग की चिंता का विषय हैं। इसलिए ऐसे समय पर सभी कर्मचारियों और अधिकारियों का एक साथ खड़ा होना महत्वपूर्ण संदेश देता है कि कार्यस्थल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
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यूनियन नेताओं ने उठाए सुरक्षा और कार्यदबाव के मुद्दे
सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न यूनियन नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों की मूल भावना को लगातार कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी उद्योगों से प्रतिस्पर्धा के नाम पर उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव कर्मचारियों और अधिकारियों पर पड़ रहा है। नेताओं ने कहा कि अत्यधिक कार्यभार, कर्मचारियों की कमी और उत्पादन लक्ष्य हासिल करने की होड़ के कारण श्रमिकों को मानसिक एवं शारीरिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कार्यस्थल दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है।
श्रम कानूनों के उल्लंघन पर जताई चिंता
वक्ताओं ने भिलाई इस्पात संयंत्र की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कई विभागों में ठेका श्रमिकों से प्रतिदिन 12 से 16 घंटे तक कार्य लिया जा रहा है। उन्होंने इसे श्रम कानूनों और मानवीय कार्य परिस्थितियों का गंभीर उल्लंघन बताया। यूनियन नेताओं ने कहा कि लगातार लंबे समय तक काम करने से श्रमिकों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने मांग की कि सभी संयंत्रों में कार्य अवधि, सुरक्षा मानकों और श्रमिक कल्याण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
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सभी यूनियनों ने दिखाई एकजुटता
इस श्रद्धांजलि सभा में इंटक, एचएमएस, एटक, सीटू, लोईमू एक्टू, स्टील वर्कर यूनियन सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी यूनियनों ने दुर्घटना में मृत श्रमिकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कार्यस्थल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने की मांग की। नेताओं ने कहा कि श्रमिकों का जीवन किसी भी उत्पादन लक्ष्य से अधिक महत्वपूर्ण है और उद्योग प्रबंधन को सुरक्षा, पर्याप्त जनशक्ति तथा मानवीय कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। सभा का समापन मृतक श्रमिकों की स्मृति में संघर्ष और एकजुटता के संकल्प के साथ हुआ।

