कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी ने रेल मंत्रालय का ध्यान आकृष्ट कराया। सेल-रेल मिलकर दे सकेंगे रोजगार।
- मुर्शिदाबाद में रेलवे कोच फैक्ट्री लगाने की उठी मांग, SAIL से साझेदारी का प्रस्ताव।
- रेल कोच फैक्ट्री से हजारों रोजगार की उम्मीद, अधीर रंजन ने केंद्र से की घोषणा की मांग।
सूचनाजी न्यूज, मुर्शिदाबाद। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के सहयोग से रेलवे कोच फैक्ट्री स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने इस परियोजना की शीघ्र घोषणा करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि रेलवे मंत्रालय राज्य में कई विकास परियोजनाओं और रेलवे अवसंरचना से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में उन्होंने 12 मई 2026 को प्रधानमंत्री को लिखे गए अपने पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें मुर्शिदाबाद में SAIL के सहयोग से रेलवे कोच फैक्ट्री स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया था।
रोजगार और औद्योगिक विकास का दावा
अधीर रंजन चौधरी ने पत्र में कहा कि प्रस्तावित रेलवे कोच फैक्ट्री से मुर्शिदाबाद और आसपास के जिलों के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। इसके अलावा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद ऐतिहासिक महत्व और बड़ी आबादी वाला सीमावर्ती जिला होने के बावजूद औद्योगीकरण और रोजगार सृजन की चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में रेलवे कोच फैक्ट्री की स्थापना स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने, कौशल विकास को प्रोत्साहित करने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
रेल मंत्री से प्राथमिकता के आधार पर निर्णय की मांग
कांग्रेस नेता ने रेल मंत्री से आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल सरकार के साथ समन्वय कर मुर्शिदाबाद में SAIL के सहयोग से रेलवे कोच फैक्ट्री परियोजना की जल्द घोषणा की जाए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की घोषणा से क्षेत्र के लोगों में सकारात्मक संदेश जाएगा और यह मुर्शिदाबाद के विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल साबित होगी। अधीर रंजन चौधरी ने पत्र के अंत में उम्मीद जताई कि रेल मंत्रालय इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करेगा और जल्द निर्णय लेगा।

