भीषण गर्मी के कारण ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाकर 30 जून तक करने की बात फर्जी है। स्कूल 1 जुलाई 2026 से खुलने की बात गलत। 16 जून से खुलेंगे स्कूल।
- लोक शिक्षण संचालनालय का कड़ा रुख। ऑफलाइन छुट्टी आवेदन पूरी तरह बैन, बायोमेट्रिक और टैज्ञ ऐप से दर्ज होगी उपस्थिति।
सूचनाजी न्यूज, रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल खुलने की तारीख को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है। कई व्हाट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक कथित आदेश वायरल किया जा रहा था, जिसमें दावा किया गया कि भीषण गर्मी के कारण ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया गया है और स्कूल 1 जुलाई 2026 से खुलेंगे। लेकिन लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने इस खबर को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है।
लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया स्पष्टीकरण
13 जून 2026 को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 का नियमित संचालन 16 जून 2026, मंगलवार से ही प्रदेश के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में प्रारंभ होगा। विभाग ने कहा कि सोशल मीडिया पर 1 जुलाई से स्कूल खुलने की जो जानकारी प्रसारित की जा रही है, वह असत्य, भ्रामक और फर्जी है।
वायरल आदेश में क्या दावा किया गया था
सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित पत्र में यह दावा किया गया कि 20 अप्रैल से 15 जून तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दिया गया है। इस पत्र पर लोक शिक्षण संचालनालय का नाम और संदर्भ क्रमांक भी दर्शाया गया था, जिससे कई अभिभावक और शिक्षक भ्रमित हो गए।
विभाग ने बताया क्यों है फर्जी
लोक शिक्षण संचालनालय ने कहा कि विभाग द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार। शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 16 जून 2026 से निर्धारित है। ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। 1 जुलाई से स्कूल खुलने संबंधी वायरल पत्र फर्जी दस्तावेज है।
अभिभावकों और छात्रों से अपील
विभाग ने अभिभावकों, छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक आदेशों और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले अप्रमाणित संदेशों को साझा करने से बचें।
16 जून से नियमित रूप से लगेंगे स्कूल
प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल 16 जून 2026 से नियमित रूप से संचालित होंगे। छात्रों को निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचने और नए सत्र की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
फर्जी खबरों से रहें सावधान
डिजिटल युग में फर्जी दस्तावेज और एडिटेड आदेश तेजी से वायरल हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सरकारी आदेश की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, प्रेस विज्ञप्ति या अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल से जरूर करनी चाहिए।
मुख्य बातें एक नजर में
सोशल मीडिया पर 1 जुलाई से स्कूल खुलने की खबर फर्जी है।
लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण।
16 जून 2026 से ही शुरू होगा शैक्षणिक सत्र 2026-27।
ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ।
अभिभावकों और छात्रों से केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील।
16 जून से ऑनलाइन हाजिरी और लीव जरूरी, लापरवाही पर रुकेगा जून का वेतन
छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में अब पुराने ढर्रे पर काम नहीं चलेगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति (हाजिरी) और ऑनलाइन अवकाश (छुट्टी) आवेदन व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक, आगामी 16 जून 2026 से सभी के लिए डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य होगी। नियमों की अनदेखी करने पर जून महीने का वेतन रोक दिया जाएगा।
स्कूलों के लिए VSK App और कार्यालयों के लिए AEBAS अनिवार्य
सन ने विभाग के हर स्तर पर पारदर्शिता लाने के लिए दो अलग-अलग डिजिटल माध्यम तय किए हैं। शासकीय विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र (टैज्ञ) द्वारा विकसित मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के तहत कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों और बाबुओं को आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS)के जरिए अपनी हाजिरी लगानी होगी।
हाजिरी नहीं तो वेतन नहीं
यदि 16 जून से किसी भी कर्मचारी की उपस्थिति VSK App या बायोमेट्रिक प्रणाली में दर्ज नहीं पाई जाती है, तो उसकी उपस्थिति को शून्य माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मचारी का जून माह का वेतन जारी नहीं किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDOs) की होगी।
ऑफलाइन छुट्टी पर पूर्ण प्रतिबंध, मनमर्जी करने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज
संचालनालय ने साफ किया है कि शिक्षा विभाग के कर्मियों के अवकाश आवेदन और उसकी स्वीकृति के लिए ‘HRMIS पोर्टल’ की व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर अब भी ऑफलाइन (कागज पर) आवेदन लिए जा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अब ऑफलाइन अवकाश आवेदनों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। अब सभी प्रकार की छुट्टियां केवल ऑनलाइन माध्यम से ही ली और मंजूर की जा सकेंगी। यदि किसी अधिकारी ने ऑफलाइन आवेदन स्वीकार या मंजूर किया, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय ने राज्य के सभी संयुक्त संचालकों (JDs), जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और आहरण व संवितरण अधिकारियों (DDOs) को पत्र जारी कर इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इस नई व्यवस्था से विभाग में लेटलतीफी और बिना सूचना गायब रहने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह से लगाम कसने की उम्मीद है।

