कोक ओवन गैस में बाय प्रोडक्ट की मात्रा के नियंत्रण को लेकर सीटू की चिंता। यह समस्या संयंत्र संग कर्मियों की सुरक्षा से जुड़ी है।
- यूनियन को विश्वास है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाकर संयंत्र की सुरक्षित, सुचारु एवं निर्बाध उत्पादन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल बीएसपी कोक ओवन गैस में अमोनिया, टार और नेफ्थलीन को नियंत्रण ना कर पाने के कारण कोक ओवन गैस प्रवाहित होने वाले पाइप लाइन में ब्लॉकेज की समस्या लगातार बढ़ रही है। इसी के संदर्भ में सीटू की टीम कोक ओवन एवं सीसीडी विभाग के मुख्य महाप्रबंधक से मुलाकात कर पत्र सौंप कर कहा कि यह समस्या संयंत्र के साथ-साथ कर्मियों के सुरक्षा से जुड़ा हुआ सवाल है। इस पर तुरंत आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है। अन्यथा कोई बड़ी घटना हो सकती है। इस पत्र की प्रतिलिपि कार्यपालक निदेशक (संकार्य) को भी दिया गया।
उत्पादन एवं सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय
अध्यक्ष विजय कुमार जांगड़े के मुताबिक कोक ओवन गैस में अमोनिया एवं अन्य बाय प्रोडक्ट की उपस्थिति एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, किंतु यदि इसे निर्धारित मानकों के अनुरूप नियंत्रित एवं निष्कासित नहीं किया जाता है तो यह संयंत्र की उत्पादन व्यवस्था तथा सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। गैस पाइपलाइनों में अमोनियम लवणों का जमाव धीरे-धीरे अवरोध उत्पन्न करता है, जिससे गैस प्रवाह प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है।
लाइन ब्लॉकेज से उत्पादन पर संभावित प्रभाव
पाइपलाइनों में जमा होने वाले अमोनियम यौगिक समय के साथ लाइन ब्लॉकेज का कारण बन सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप गैस का दबाव असामान्य हो सकता है, विभिन्न इकाइयों को गैस आपूर्ति प्रभावित हो सकती है तथा उत्पादन प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है। ऐसी स्थिति में संयंत्र को आंशिक रूप से बंद कर सफाई एवं मरम्मत कार्य करना पड़ता है, जिससे उत्पादन हानि और अतिरिक्त व्यय बढ़ता है।
उपकरणों एवं पाइपलाइनों की सुरक्षा का प्रश्न
अमोनिया तथा उससे बनने वाले रासायनिक यौगिक पाइपलाइनों और उपकरणों में जंग लगने की प्रक्रिया को भी तेज कर सकते हैं। इससे पाइपों की आयु कम होने, रखरखाव लागत बढ़ने तथा तकनीकी खराबियों की संभावना में वृद्धि होती है। इसलिए यह विषय केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि संयंत्र की दीर्घकालीन सुरक्षा और विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है।
यूनियन की प्रमुख मांगें
यूनियन ने मुख्य महाप्रबंधक, कोक ओवन एवं सी सी डी विभाग को पत्र प्रेषित कर मांग की है कि कोक ओवन गैस में अमोनिया की मात्रा की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही अमोनिया रिमूवल सिस्टम, स्क्रबर, कूलर एवं संबंधित उपकरणों के प्रभावशीलता की समय-समय पर जांच की जाए। गैस पाइपलाइनों के निरीक्षण एवं सफाई का नियमित कार्यक्रम बनाया जाए तथा तकनीकी रिपोर्ट श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ साझा की जाए।
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पारदर्शिता एवं संयुक्त समीक्षा की आवश्यकता
यूनियन का मानना है कि उत्पादन, सुरक्षा एवं रखरखाव से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच नियमित संवाद होना चाहिए। इसी उद्देश्य से संबंधित विभागों एवं यूनियन प्रतिनिधियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित करने की मांग की गई है। यूनियन को विश्वास है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाकर संयंत्र की सुरक्षित, सुचारु एवं निर्बाध उत्पादन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
यूनियन ने सौपी जोनल समिति की सूची प्रबंधन को
बैठक के आरंभ में कोक ओवन एवं सी सी डी जोनल समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सूची सहायक प्रबंधक (एचआर) को दी गई। बैठक में कोक ओवन एवं सी सी डी विभाग में सुरक्षा और वेलफेयर से सम्बंधित समस्याओं एवं उनके निराकरण हेतु लगभग 15 बिंदुओं की सूची मुख्य महाप्रबंधक को दी गई।
बैठक में यूनियन की ओर से विजय कुमार जांगड़े, राजेश तिवारी,डॉ गिरधर चंद्रा, एसएस हुसैन, डी एल्ला राव, रवि नंद, लोकेश कुमार साहू, महासचिव टी. जोगाराव एवं डीवीएस रेड्डी उपस्थित रहे।

