SAIL, RINL, NMDC का जिक्र कर एटक ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र। इस्पात मंत्रालय में ‘दबाव और हस्तक्षेप’ का गंभीर आरोप।
- संदीप पौंड्रिक पर एटक का बड़ा हमला, जांच तक पद से हटाने की मांग।
- राष्ट्रपति मुर्मू को भेजी गई शिकायत से बढ़ी इस्पात सचिव की मुश्किलें, एटक ने उठाए कई सवाल
- इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक के खिलाफ राष्ट्रपति तक पहुंची शिकायत, AITUC ने मांगी जांच।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंड्रिक के खिलाफ अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने मोर्चा खोल दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाने के बाद अब एटक ने सीधे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर इस्पात मंत्रालय और उसके अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कथित प्रशासनिक अनियमितताओं, श्रमिक विरोधी नीतियों और औद्योगिक संबंधों से जुड़े गंभीर मामलों की जांच कराने की मांग की है।
एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विद्यासागर गिरी ने 17 जून 2026 को राष्ट्रपति को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि इस्पात मंत्रालय के वर्तमान सचिव के कार्यकाल में सेल (SAIL), आरआईएनएल (RINL), एनएमडीसी (NMDC) जैसे सार्वजनिक उपक्रमों में अत्यधिक हस्तक्षेप और दबावपूर्ण प्रशासनिक संस्कृति विकसित हुई है। इससे संस्थानों की कार्य संस्कृति, सुरक्षा व्यवस्था, औद्योगिक संबंध और सुशासन प्रभावित हुए हैं।
एटक ने लगाए ये प्रमुख आरोप
पत्र में दावा किया गया है कि सार्वजनिक उपक्रमों के दैनिक प्रशासन में अनावश्यक हस्तक्षेप कर निदेशक मंडलों और प्रबंधन की स्वायत्तता प्रभावित की गई है। साथ ही मौखिक आदेशों, दबावपूर्ण व्यवहार और कथित गैरकानूनी निर्देशों के जरिए निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
एटक ने आरोप लगाया कि भय और दबाव का माहौल बनाकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित की गई। संगठन ने यह भी दावा किया कि सेल के तत्कालीन चेयरमैन को इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने तथा अन्य कंपनियों में भी इसी तरह के हस्तक्षेप की शिकायतें सामने आई हैं।
RINL हादसों और सुरक्षा व्यवस्था का भी उठाया मुद्दा
एटक ने विशाखापट्टनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) में हुई जानलेवा दुर्घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, श्रम शक्ति में कटौती और उत्पादन-केंद्रित दबाव के कारण कर्मचारियों और श्रमिकों की जान जोखिम में पड़ी है।
संगठन ने आरआईएनएल में हुई 10 से अधिक जानलेवा दुर्घटनाओं की विशेष जांच कराने की मांग भी की है। पत्र में कहा गया है कि इन मामलों में मंत्रालय की भूमिका और कथित हस्तक्षेप की भी पड़ताल होनी चाहिए।
NMDC वेतन समझौते में देरी पर सवाल
एटक ने एनएमडीसी के द्विपक्षीय वेतन समझौते को 22 माह से अधिक समय तक लंबित रखने का मुद्दा भी उठाया है। संगठन का आरोप है कि इस देरी से हजारों कर्मचारियों और श्रमिकों के वैध आर्थिक हित प्रभावित हुए हैं।
राष्ट्रपति से क्या मांग की गई
एटक ने राष्ट्रपति से मांग की है कि सभी आरोपों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्चस्तरीय न्यायिक/प्रशासनिक जांच समिति से कराई जाए। संगठन ने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक संदीप पौंड्रिक को इस्पात सचिव के पद से हटाया जाए या किसी अन्य विभाग में स्थानांतरित किया जाए, ताकि जांच निष्पक्ष रूप से हो सके। इसके अलावा सेल, आरआईएनएल, एनएमडीसी और अन्य उपक्रमों में सुरक्षा, औद्योगिक संबंधों और श्रम कानूनों के पालन में कथित हस्तक्षेप की व्यापक समीक्षा कराने की भी मांग की गई है।
मंत्रालय की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल एटक की ओर से लगाए गए आरोपों पर इस्पात मंत्रालय या सचिव संदीप पौंड्रिक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि मंत्रालय की ओर से कोई पक्ष या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

