Bhilai Township: सेक्टर-6 समेत कई क्षेत्रों में पुराने और जर्जर आवासों को हटाया जाएगा। इनके स्थान पर नए आवास बनाए जाएंगे।
- जिन मकानों की लाइसेंस अवधि जल्द पूरी होने वाली है, उनका नवीनीकरण नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) राजस्व बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सेल के सभी संयंत्रों में इस संबंध में कवायद चल रही है। इसी क्रम में भिलाई टाउनशिप में लाइसेंस पर दिए गए मकानों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।
जिन मकानों की लाइसेंस अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा जा रहा है। जारी नोटिसों में इसका स्पष्ट उल्लेख भी किया गया है। वहीं, जिन मकानों की लाइसेंस अवधि जल्द पूरी होने वाली है, उनका नवीनीकरण नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है।
फिलहाल, इस मुद्दे पर कोई भी अधिकारी आधिकारिक तौर पर बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि, दबी जुबान में अधिकारी यह स्वीकार कर रहे हैं कि जर्जर आवासों को चरणबद्ध तरीके से तोड़ा जाएगा। बताया जा रहा है कि सबसे पहले सेक्टर-6 को पूरी तरह खाली कराया जाएगा।
भविष्य में भिलाई स्टील प्लांट की विस्तार परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि सुरक्षित रखने के बाद शेष जमीन से राजस्व अर्जित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए किसी पेशेवर एजेंसी की सेवाएं भी ली जा सकती हैं।
सेल मामलों की जानकार बताते हैं कि खाली भूमि को किसी निजी या संस्थागत पक्ष को सौंपने की योजना पर विचार किया जा रहा है, जिससे सेल-बीएसपी को अच्छा राजस्व प्राप्त हो सके। हालांकि, प्रबंधन की ओर से अब तक इस संबंध में कोई विस्तृत योजना सार्वजनिक नहीं की गई है। यही कारण है कि टाउनशिप के निवासियों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है।
गौरतलब है कि बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन ने टाउनशिप की गैर-आवासीय इमारतों का उपयोग कर राजस्व बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं। माना जा रहा है कि भिलाई स्टील प्लांट की टाउनशिप में भी इसी तरह की कवायद शुरू होने जा रही है।
जानकारी के अनुसार, भिलाई टाउनशिप के जर्जर हो चुके मकानों को ध्वस्त किया जाएगा। प्रबंधन का कहना है कि सेक्टर-6 समेत कई क्षेत्रों में पुराने और जर्जर आवासों को हटाया जाएगा। इनके स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए आवास बनाए जाएंगे, जिससे कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

