Industrial Dearness Allowance Order issued regarding Dearness Allowance revised DA to be effective from July 1
- स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल प्रबंधन की ओर से भी एक सर्कुलर जारी किया गया है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रम विभाग (Department of Public Enterprises-DPE) ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (CPSEs) के अधिकारियों और गैर-संघबद्ध पर्यवेक्षकों (Non-Unionized Supervisors) के लिए औद्योगिक महंगाई भत्ता (Industrial Dearness Allowance-IDA) की नई दरें जारी कर दी हैं। यह संशोधित महंगाई भत्ता 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।
इसी के साथ ही स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल प्रबंधन की ओर से भी एक सर्कुलर जारी किया गया है। महंगाई भत्ते की दर 55.7 प्रतिशत तय की गई है। पिछली दर की तुलना में महंगाई भत्ते की राशि में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इस आदेश का लाभ सेल (SAIL), एनटीपीसी, बीएचईएल, ओएनजीसी, गेल, एनएमडीसी सहित उन सभी केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों एवं गैर-संघबद्ध पर्यवेक्षकों को मिलेगा, जिनका वेतन DPE के IDA पैटर्न के अनुसार निर्धारित होता है।
किस वेतनमान पर कितना IDA मिलेगा
डीपीई के 17 जुलाई 2026 के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार 1 जुलाई 2026 से लागू नई IDA दरें इस प्रकार होंगी
1997 वेतनमान के कर्मचारियों के लिए 476.9%
2007 वेतनमान के कर्मचारियों के लिए 241.7%
2017 वेतनमान के कर्मचारियों के लिए 55.7%
वहीं, 1987 वेतनमान के अंतर्गत आने वाले अधिकारियों एवं गैर-संघबद्ध पर्यवेक्षकों के लिए औसत AICPI 9854 के आधार पर संशोधित महंगाई भत्ता निर्धारित किया गया है।
SAIL अधिकारियों पर भी होगा असर
इस आदेश का सीधा असर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी पड़ेगा। जुलाई 2026 के वेतन में संशोधित IDA लागू होने के साथ उन्हें बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। यदि जुलाई का वेतन पुराने IDA के आधार पर जारी हो चुका है, तो अंतर राशि (एरियर) का भुगतान भी किया जाएगा।
कर्मचारियों के लिए क्या है महत्व
महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। DPE प्रत्येक तिमाही में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर IDA की समीक्षा करता है। जुलाई 2026 से लागू नई दरों का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के प्रभाव की भरपाई करना है, जिससे अधिकारियों और गैर-संघबद्ध पर्यवेक्षकों की क्रय शक्ति बनी रहे।
डीपीई ने सभी प्रशासनिक मंत्रालयों एवं विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने नियंत्रणाधीन केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को इस आदेश की जानकारी देकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

