अधिशासी निदेशक (सामग्री प्रबंधन) ने रथ की सफाई की रस्म (छेरा-पन्हारा) पूरी निष्ठा से संपन्न की। कार्मिक परिवार संग पहुंचे।
- नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से यह वापसी यात्रा जनवृत्त-1 स्थित राम मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो इस्पात नगर में भगवान जगन्नाथ की बाहुड़ा-यात्रा (वापसी यात्रा) अपार श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षाल्लास के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा एवं भ्राता बलभद्र की पवित्र देव प्रतिमाओं को मंदिर प्रांगण से बाहर लाकर सुसज्जित रथ पर विराजमान किया गया।
यात्रा शुरू होने से पहले, परंपरा निभाते हुए अधिशासी निदेशक (सामग्री प्रबंधन) ने रथ की सफाई की रस्म (छेरा-पन्हारा) पूरी निष्ठा से संपन्न की। इस कार्यक्रम में बोकारो महिला समिति की सदस्याएं, अन्य गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से यह वापसी यात्रा जनवृत्त-1 स्थित राम मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्तिभाव से रथ खींचकर पुण्य के भागी बने. बाहुड़ा-यात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर पत्थरकट्टा चौक, गांधी चौक (सिटी सेंटर) तथा बोकारो जनरल अस्पताल मार्ग से होते हुए जगन्नाथ मंदिर पहुंची. यात्रा के दौरान मार्ग में स्वयंसेवी संस्थाओं, बोकारो महिला समिति एवं नगर के विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल तथा शीतल शरबत की उत्तम व्यवस्था की गई।
यह आयोजन बोकारो इस्पात संयंत्र द्वारा शहर के सांस्कृतिक एवं सामाजिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम है. इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव नगरवासियों में आपसी सौहार्द, एकता और सेवा भावना का संचार करते हैं।

