डॉ. रेड्डी ने कहा-भद्रावती, माइंस में केंद्रीय वेतन और वैध वेतन के साथ एडब्ल्यूए दोनों का भुगतान किया जा रहा है। बाकी जगह क्यों रोका।
- बर्नपुर इंटक यूनियन से हरजीत सिंह भिलाई इंटक अध्यक्ष संजय कुमार साहू ने राष्ट्रीय इंटक के अध्यक्ष डॉ जी संजीव रेड्डी से गुहार की थी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस इंटक ने सेल प्रबंधन से मांग की है कि सेल के सभी संयंत्रों एवं खदानों में कार्यरत ठेका श्रमिकों के लिए केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू करने के साथ-साथ अतिरिक्त कल्याण भत्ता एडब्ल्यूए भी पूर्ववत जारी रखा जाए। एडब्ल्यूए में किसी भी प्रकार की कटौती अथवा इसे बंद करने का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए।
इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी. संजीव रेड्डी ने सेल के निदेशक (कार्मिक) केके सिंह को पत्र भेजकर इस संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद ठेका श्रमिकों के लिए केंद्रीय वेतन व्यवस्था लागू करना स्वागत योग्य कदम है, जिससे हजारों श्रमिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन इसके साथ ही ए डब्ल्यू ए को बंद करने का प्रस्ताव श्रमिक हितों के विपरीत है।
उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि ए डब्ल्यू ए ठेका श्रमिकों के लिए एक विशिष्ट कल्याणकारी योजना है, जिसका वैधानिक वेतन निर्धारण अथवा वेतन संशोधन से कोई सीधा संबंध नहीं है। यह योजना सामूहिक सौदेबाजी के माध्यम से एनजेसीएस उप-समिति एवं सेल प्रबंधन के बीच बनी द्विपक्षीय सहमति का परिणाम है।
इंटक ने कहा कि 29 जनवरी 2024 की आधिकारिक एनजेसीएस बैठक की कार्यवाही में भी स्पष्ट रूप से दर्ज है कि एडब्ल्यूए की राशि बढ़ाने के लिए सेल प्रबंधन तैयार है। वहीं श्रम संहिता के नाम पर ए डब्ल्यू को पूरी तरह बंद करने की बात इसके विपरीत है।
डॉ. रेड्डी ने कहा कि वीआइएसपी भद्रावती तथा सेल की अन्य इकाइयों एवं माइंस में केंद्रीय वेतन और वैध वेतन के साथ एडब्ल्यूए दोनों का भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में किसी एक संगठन के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों को ए डब्ल्यू ए से वंचित करना श्रमिकों के बीच अनावश्यक असमानता पैदा करेगा तथा समानता के उद्देश्य को कमजोर करेगा।
ये खबर भी पढ़ें: SAIL ISP में शनिवार को फुल-डे ड्यूटी पर रोक, यूनियन चुनाव होने तक आदेश स्थगित
इंटक की प्रमुख मांगें
1. सभी सेल संयंत्रों एवं खदानों में ठेका श्रमिकों के लिए केंद्रीय न्यूनतम वेतन तत्काल लागू किया जाए।
2. केंद्रीय वेतन के साथ एडब्ल्यूए को बिना किसी कटौती के जारी रखा जाए।
3. ए डब्ल्यू ए को वैधानिक वेतन से अलग स्वतंत्र कल्याणकारी लाभ के रूप में औपचारिक मान्यता दी जाए।
4. सेल की सभी इकाइयों में ठेका श्रमिकों के लिए एक समान नीति लागू की जाए।
5. एनजेसीएस उप-समिति एवं सेल प्रबंधन के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते का अक्षरशः पालन किया जाए।
6. एडब्ल्यूए में किसी भी प्रस्तावित संशोधन को सीधे लागू करने के बजाय एन जे सीएस उप-समिति के समक्ष रखा जाए।
इंटक ने स्पष्ट किया कि यह मामला हजारों ठेका श्रमिकों की आजीविका, वेतन एवं कल्याण से सीधे जुड़ा हुआ है। संगठन ने सेल प्रबंधन से मांग की है कि श्रमिक हित में तत्काल सकारात्मक निर्णय लेते हुए केंद्रीय न्यूनतम वेतन के साथ ए डब्ल्यू ए को भी जारी रखा जाए।
इस संबंध में बर्नपुर इंटक यूनियन से हरजीत सिंह एवं स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक अध्यक्ष संजय कुमार साहू राष्ट्रीय इंटक के अध्यक्ष डॉ जी संजीव रेड्डी से अनुरोध किया था कि यह द्विपक्षी समझौता के तहत ठेका श्रमिकों को दी गई सुविधाएं हैं। सेल प्रबंधन द्वारा एक तरफा निर्णय लेकर इसकी कटौती न की जाए। एवं इसके विरोध में बर्नपुर इंटक द्वारा श्रम आयुक्त के यहां परिवाद दायर किया गया है।
