Big Breaking News: ईडी एचआर, ईडी फाइनेंस और डीआइजी सीआइएसएफ के हाथों शुक्रवार सुबह प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया गया।
- बीएसपी प्रबंधन ने 12 गेट पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (Radio Frequency Identification) मशीन लगाने का फैसला लिया है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट में आरएफआइडी प्रोजेक्ट वर्क का शिलान्यास कर दिया गया है। शुक्रवार सुबह डीआइजी सीआइएसएफ चंदन कुमार झा, ईडी एचआर पवन कुमार, ईडी फाइनेंस प्रवीण निगम के हाथों इसका आगाज किया गया। अब केबिल बिछाने का काम शुरू हो गया है। 2 माह के भीतर इंक्यूपमेंट लगाए जाएंगे। बीएसपी के 12 गेटों पर आरएफआइडी की मशीनों को इंस्टॉल किया जाएगा।
भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बड़ी खबर है। आरएफआईडी (RFID) का ट्रायल सफल होने के बाद शुक्रवार को इसका शिलान्यास भी कर दिया गया है। बीएसपी प्रबंधन ने 12 गेट पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (Radio Frequency Identification) मशीन लगाने का फैसला लिया है।
मेन गेट पर इस्पात भवन और एचआरडी के पर्सनल आफिसर का ट्रायल किया गया था, जो सफल रहा। बायोमेट्रिक मशीन जिस चेहरे को पहचान कर रही है, वही आरएफआइडी मशीन भी रीड कर रही थी। इस सफलता के बाद बीएसपी प्रबंधन ने कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए आरएफआइडी की मैपिंग की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि 1 नवंबर से ही इसे अनिवार्य करने की तैयारी है। फिलहाल, केबिल बिछाने, मशीनों को इंस्टाल करने, मैपिंग आदि का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। करीब 9 हजार कर्मचारी-अधिकारी और 12 हजार से ज्यादा ठेका मजदूरों की आवाजाही पर आरएफआइडी से नज़र रखी जाएगी। विभागों में लगी बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी होती रहेगी। इसी के आधार पर सैलरी भी बनेगी। वहीं, संदिग्ध गतिविधियों और चोरी की नीयत से अंदर जाने वालों पर सीआइएसएफ नकेल कस सकेगी।
गेट पर मशीन बताएगी आप सही हैं या गलत
भिलाई स्टील प्लांट के संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरएफआइडी का मकसद सेफ्टी है। सुरक्षा के मद्देनजर इसे लागू किया जा रहा है। संदिग्ध लोगों और उनके वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। कार्मिक अपनी शिफ्ट में ड्यूटी जाने के लिए प्लांट के प्रवेश द्वार पर पहुंचेंगे तो वहां आरएफआइडी मशीन से सीआइएसएफ चेक करेगी।
मशीन पर कार्मिक के वाहन के दो नंबर और गेट पास की वैलिडिटी आदि की जानकारी सीआइएसएफ जवान को तत्काल हो जाएगी। अगर, कार्ड वैलिड नहीं है तो उसे तत्काल रोक लिया जाएगा। रजिस्टर्ड 2 वाहनों के नंबर के अलावा अन्य गाड़ी को ले जाने पर रोक दिया जाएगा। इससे संदिग्ध गतिविधियों को तत्क्ल पकड़ा जा सकेगा।
कितने घंटे प्लांट से गायब रहे, सबको चलेगा पता
विभाग के मुताबिक आरएफआइडी की सीमा को पार करने के बाद ही कार्मिक को अंदर जाने की अनुमति होगी। गेट पर पहुंचते ही कार्मिक की इंट्री हो जाएगी। अगर, वही कार्मिक अटेंडेंस लगाने के बाद प्लांट से बाहर निकलते हैं तो पूरी कुंडली तैयार हो जाएगी।
प्रबंधन को इसकी जानकारी भी होती रहेगी। सीआइएसएफ किसी को आवाजाही से रोकेगी नहीं। लेकिन, आरएफआइडी में दर्ज आवाजाही की डिटेल कार्मिकों पर कार्रवाई का मापदंड साबित होगी। किसी आवश्यक कार्य, मेडिकल या विभागीय दौरे आदि के लिए एचओडी से अनुमति लगेगी। आपात स्थिति कभी-कभार आती है। हर दिन ड्यूटी टाइम में बाहर जाने वालों की पहचान हो जाएगी। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को सिस्टम पर मिलती रहेगी।

