Skip to content
04/10/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Suchnaji

Suchnaji

सबकी खबर | सबसे पहले और सटीकता से ….

Primary Menu
  • अतिरिक्त ख़बरें
  • कोल इंडिया
  • छत्तीसगढ़
  • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • धर्म-संस्कृति
  • रेलवे
  • लोकसभा/विधानसभा चुनाव
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री
Light/Dark Button
Subscribe
  • Home
  • ताज़ा ख़बरें
  • बिजली सप्लाई के निजीकरण का कांग्रेस करेगी विरोध, जावेद खान बता रहे भयानक नुकसान
  • ताज़ा ख़बरें
  • दुर्ग-भिलाई

बिजली सप्लाई के निजीकरण का कांग्रेस करेगी विरोध, जावेद खान बता रहे भयानक नुकसान

Azmat ali 11/09/2026 1 minute read
Congress to oppose privatization of power supply Spokesperson Javed Khan

जिला प्रवक्ता जावेद खान बोले-ऐसा प्रतीत होता है कि केन्द्र सरकार राज्य संबंधित विषय (सम्पत्ति)का केन्द्रीयकरण करने पर उतारू है।

  • लिकॉम सेक्टर जैसा हाल हो जाएगा। बिजली भी राज्य का विषय नहीं रहेगा।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। छत्तीसगढ़ में बिजली आपूर्ति में निजी क्षेत्र की एंट्री और टाटा पावर द्वारा रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर तहसीलों में वितरण लाइसेंस मांगने के मामले पर कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई के प्रवक्ता जावेद खान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोयला प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। इसी कारण छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद से अब तक प्रदेश में 40 से अधिक निजी पावर प्लांट स्थापित किए गए हैं। इन पावर प्लांटों की स्थापना से उनके आसपास कई-कई किलोमीटर के दायरे में जमीन की उर्वरता पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। जमीन अब फसल देने के काबिल नहीं रही है। किसान बर्बाद हो रहा है और प्रदूषण की मार छत्तीसगढ़ की जनता झेल रही है,उन्होंने कहा कि अगर छत्तीसगढ़ अपनी जमीन, अपना पानी, अपना कोयला और अपना पर्यावरण दांव पर लगा रहा है तो इसके बदले में प्रदेश की जनता को कम दर पर बिजली मिलती थी।

ये कांग्रेस की सरकार की सोच हुआ करती थी। इसमें क्या हर्ज है? यह छत्तीसगढ़ का हक है लेकिन भाजपा सरकार ने सभी छूट समाप्त करते हुए बिजली की दरे बढ़ा दी है और अब सप्लाई का भी निजीकरण करने जा रही है।

टाटा पावर द्वारा केवल डिस्ट्रीब्यूशन यानी वितरण का लाइसेंस मांगा जाना उसकी मंशा पर सवाल खड़ा करता है। अगर टाटा को सच में छत्तीसगढ़ की सेवा करनी है तो वह यहां पावर प्लांट स्थापित करे, बिजली उत्पादन करे। केवल सप्लाई का ठेका लेकर, बिना कोई निवेश और बिना कोई जोखिम उठाए मुनाफा कमाना ही टाटा की मंशा प्रतीत होती है।

जावेद खान ने कहा कि बेहतर होगा कि छत्तीसगढ़ सरकार बिजली आपूर्ति का कार्य अपने ही अधिकार में रखे। टाटा पावर जिन शहरों – मुंबई, दिल्ली, अजमेर का उदाहरण दे रही है, उन शहरों में प्रचुर मात्रा में पावर प्लांट नहीं हैं। वहां दूसरे प्रदेशों से पावर ग्रिड के माध्यम से बिजली खरीद कर सप्लाई की जाती है।

छत्तीसगढ़ और उन शहरों की पृष्ठभूमि बिल्कुल अलग है। छत्तीसगढ़ स्वयं बिजली उत्पादक राज्य है और देश को बिजली देता है,उन्होंने चेतावनी दी कि भले ही आज छत्तीसगढ़ सरकार और नियामक आयोग यह कह रहे हैं कि टाटा पावर केवल सप्लाई करेगा और दरें आयोग तय करेगा, लेकिन यह निजीकरण की शुरुआत है। आज एक कंपनी को लाइसेंस मिलेगा, कल दूसरी को मिलेगा और फिर संपूर्ण रूप से निजीकरण होने के बाद बिजली सप्लाई व्यवस्था का हाल भी टेलीकॉम सेक्टर जैसा हो जाएगा।

जिस तरह टेलीकॉम में निजीकरण के बाद 30 दिन के महीने को 28 दिन और फिर 24 दिन का रिचार्ज बना दिया गया और सभी सर्विस प्रोवाइडर्स के अलग-अलग दर और पैकेज लागू कर दिए गए, ठीक वही हाल गरीब और मध्यम वर्ग के बिजली उपभोक्ताओं का होगा।

इन सभी तथ्यों को मद्देनजर रखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई मांग करती है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग टाटा पावर के आवेदन को जनहित और प्रदेश हित में तत्काल खारिज करे और भविष्य में भी बिजली आपूर्ति जैसे आवश्यक सार्वजनिक सेवा में निजी क्षेत्र को अनुमति न दी जाए। यदि जनभावनाओं को अनसुना किया गया तो कांग्रेस सड़क पर उतर कर आंदोलन करेगी।

About the Author

Azmat ali

Administrator

View All Posts

Post navigation

Previous: Big Breaking News: भिलाई स्टील प्लांट में RFID के प्रोजेक्ट वर्क का शिलान्यास, ड्यूटी छोड़कर जाने वालों की होगी पहचान
Next: Bhilai Steel Plant RFID: 12 गेट और 170 आरएफआइडी कम फेस रीडर डिवाइस, कहां से बचकर जाओगे

Related Stories

No interfaith prayer meeting held at Durgapur Steel Plant on Gandhi Jayanti INTUC outraged plans protest on the 6th
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

इंटक बोला-दुर्गापुर स्टील प्लांट में गांधी जयंती पर सर्वधर्म प्राथना सभा नहीं हुई, भड़के कर्मचारी, 6 को बवाल

Azmat ali 03/10/2026
Coal India Bonus 2026Bonus finalized for Coal India employees 1,10,250 to be credited to their accounts
  • कोल इंडिया
  • ताज़ा ख़बरें

Coal India Bonus 2026: कोल इंडिया कर्मचारियों का बोनस तय, खाते में आएगा 1 लाख 10 हजार 250 रुपए

Azmat ali 03/10/2026
BAKS Bokaros Annual General Meeting Income-Expenditure Report to be Presented Read Details
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ की वार्षिक आमसभा: पेश होगा आय-व्यय का लेखा-जोखा, पढ़ें डिटेल

Azmat ali 03/10/2026

You May Have Missed

No interfaith prayer meeting held at Durgapur Steel Plant on Gandhi Jayanti INTUC outraged plans protest on the 6th
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

इंटक बोला-दुर्गापुर स्टील प्लांट में गांधी जयंती पर सर्वधर्म प्राथना सभा नहीं हुई, भड़के कर्मचारी, 6 को बवाल

Azmat ali 03/10/2026
Coal India Bonus 2026Bonus finalized for Coal India employees 1,10,250 to be credited to their accounts
  • कोल इंडिया
  • ताज़ा ख़बरें

Coal India Bonus 2026: कोल इंडिया कर्मचारियों का बोनस तय, खाते में आएगा 1 लाख 10 हजार 250 रुपए

Azmat ali 03/10/2026
BAKS Bokaros Annual General Meeting Income-Expenditure Report to be Presented Read Details
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ की वार्षिक आमसभा: पेश होगा आय-व्यय का लेखा-जोखा, पढ़ें डिटेल

Azmat ali 03/10/2026
Bonus finalized, yet anger persists Effigies of SAIL management and NJCS burned in Bokaro
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

बोनस तय, फिर भी नहीं थमा गुस्सा: बोकारो में SAIL प्रबंधन और NJCS का पुतला फूंका

Azmat ali 03/10/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Copyright © 2026 All rights reserved. | ReviewNews by AF themes.