27 सालों से पार्टी की सेवा करने वाले स्वर्ण कारोबारी कन्हैया लाल सोनी को भाजपा कार्यकर्ता महापौर दावेदार के रूप में देख रहे हैं।
- सांसद से पार्षद तक सबके लिए मैदान में उतरे, अब उनके लिए लिए कार्यकर्ता कर रहे टिकट का निवेदन।
अज़मत अली, भिलाई। भिलाई नगर निगम चुनाव की आहट के साथ शहर का प्रथम नागरिक यानी महापौर बनने के दावेदारों के नाम धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं। भाजपा में भी महापौर पद के लिए दावेदारी का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में भिलाई भाजपा के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता तथा स्वर्ण कारोबारी कन्हैया लाल सोनी ने समर्थक भी पार्टी के सामने उनकी दावेदारी रख दी है।
उनके लिए दावेदारी में सिर्फ चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं, बल्कि 27 साल की संगठनात्मक यात्रा, चार पीढ़ियों का आरएसएस-भाजपा से जुड़ाव और सोनी समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने की उम्मीद का तर्क भी है। अब तक पार्टी के निर्देश पर दूसरों के लिए चुनावी मैदान तैयार करने वाले कन्हैया सोनी के समर्थक चाहते हैं कि इस बार पार्टी उन्हें खुद जनता के बीच जाने का अवसर दे।
कन्हैया सोनी खुद खुलकर बोलने से बच रहे। लेकिन समर्थकों का कहना है कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी, उसे पूरी निष्ठा से निभाया। पार्षद से लेकर सांसद तक के चुनाव में प्रत्याशियों के लिए काम किया। अब यदि पार्टी उन्हें महापौर पद के लिए प्रत्याशी बनाने का अवसर देती है तो वे जनता के बीच जाकर अपनी बात रखेंगे।
27 साल सेवा की पर अवसर दीजिए
भाजपा नेता बताते हैं कि कन्हैया सोनी वर्ष 2008 में वैशालीनगर विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने पार्टी के सामने अपनी दावेदारी रखी थी। विद्यारतन भसीन के समय भी टिकट की इच्छा जताई। वर्ष 2013 में भी प्रयास किया। वर्ष 2018 में भी विधानसभा चुनाव में उनका नाम प्रमुखता से चर्चा में आया था। लेकिन पार्टी ने हर बार संगठन की जरूरत के मुताबिक दूसरी जिम्मेदारियां दीं और उन्होंने उन्हें स्वीकार किया। वे कहते हैं कि संगठन और प्रत्याशियों के लिए जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे निभाया। अब समय आया है कि पार्टी उन्हें स्वयं प्रत्याशी के रूप में जनता के बीच जाने का अवसर दे।
14 साल की उम्र से पढ़ रहे सियासी ककहरा
कन्हैया सोनी की राजनीतिक सक्रियता का सिलसिला भी लंबा है। वर्ष 1975 में जन्मे सोनी करीब 14 वर्ष की उम्र से ही वे गांव में जनसंघ के लिए प्रचार करने लगे थे। गांव और भिलाई के बीच आवाजाही करते हुए उनका राजनीतिक जुड़ाव लगातार बढ़ता गया।
वर्ष 1996 में करीब 21 वर्ष की उम्र में वे भाजपा युवा मोर्चा में मंडल मंत्री बने। वर्ष 2000 में मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2008 में भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के सह-संयोजक बने। वर्ष 2015 में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के मंडल अध्यक्ष के साथ युवा मोर्चा के जिला महामंत्री की जिम्मेदारी संभाली।
इसके बाद वर्ष 2023 में भाजपा के जिला सह-कोषाध्यक्ष और वर्ष 2025 में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बने। वर्तमान में वे धमतरी जिला संगठन प्रभारी, ओबीसी मोर्चा की जिम्मेदारी से भी जुड़े हैं।
राजनीतिक-सामाजिक पृष्ठभूमि, संघ-भाजपा से रिश्ता
भिलाई के भाजपा नेता बताते हैं कि कन्हैया सोनी का परिवार राजनीतिक-सामाजिक पृष्ठभूमि से आता है। उनके दादा बृजलाल सोनी संघ से जुड़े थे और मुख्य प्रचारक की भूमिका में रहे। पिता भी संघ की शाखा में जाते थे। इसी वातावरण में कन्हैया सोनी का राजनीतिक संस्कार हुआ। बेटा अमन सोनी भी भाजपा से जुड़ा है। युवा मोर्चा में सह कोषाध्यक्ष है।यानी परिवार की चार पीढ़ियों का संघ और भाजपा से जुड़ाव है।
सोनी समाज के प्रतिनिधित्व का सवाल भी
कन्हैया सोनी की दावेदारी के साथ सामाजिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी जुड़ रहा है। भिलाई नगर निगम क्षेत्र में 10 हजार से अधिक सोनी समाज के लोग रहते हैं। भाजपा की ओर से सोनी समाज को अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व की उम्मीद भी जताई जा रही है।
वे छत्तीसगढ़ में स्वर्ण कला आयोग के गठन की मांग भी उठाते रहे हैं। सोनी समाज के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके कन्हैया सोनी वर्तमान में राष्ट्रीय संरक्षक की भूमिका में हैं। छत्तीसगढ़ चेंबर की भिलाई इकाई में मुख्य सलाहकार की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। वैशालीनगर विधानसभा क्षेत्र के संयोजक के रूप में भी काम कर चुके हैं और लोकसभा चुनाव में संगठन की ओर से जिम्मेदारी मिल चुकी है।
संगठन से निकले, कारोबार में भी बनाई पहचान
कन्हैया सोनी का परिवार मूलतः बालोद के पिंकापारा गांव से जुड़ा है। उनके पिता करीब 65 वर्ष पहले भिलाई आए थे। कोहका में सोने-चांदी के कारोबार से परिवार की शुरुआत हुई। पिता ने कारीगर के रूप में काम किया और बाद में छोटा सा शोरूम शुरू किया। आज कोहका और आकाशगंगा में सीपी ज्वेलर्स के माध्यम से परिवार स्वर्ण कारोबार से जुड़ा है।
कन्हैया सोनी ने बीए और एमए राजनीतिक विज्ञान की पढ़ाई कल्याण कॉलेज से की। संयुक्त परिवार में रहने वाले कन्हैया सोनी के दो बेटे हैं और दोनों कारोबार में हैं। उनके बेटे अमन सोनी भाजपा युवा मोर्चा भिलाई में सह-कोषाध्यक्ष हैं।
अब फैसला भाजपा के हाथ में
भिलाई महापौर पद के लिए भाजपा में कई नामों की चर्चा के बीच कन्हैया सोनी की दावेदारी इसलिए अलग दिखाई देती है, क्योंकि भाजपा नेता अब कन्हैया सोनी की दावेदारी को “27 साल की संगठन सेवा के बाद एक अवसर” के रूप में पेश कर रहे हैं।
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आखिरकार महापौर का टिकट किसे मिलेगा, इसका फैसला भाजपा संगठन करेगा। लेकिन इतना साफ है कि निगम चुनाव से पहले भाजपा के भीतर दावेदारों की दौड़ शुरू हो चुकी है और कन्हैया सोनी का नाम भी भाजपा नेताओं की जुबां पर आना शुरू हो गया है।
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