BSL Township: आवास आवंटन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग, पांच वर्षों के मामलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग।
- दिलीप कुमार ने कहा कि संघ मांग करता है कि गलत तरीके से लगाए गए पेनल रेंट एवं नोटिस तत्काल निरस्त किए जाएं तथा कर्मचारियों से वसूली गई अनुचित राशि वापस/समायोजित की जाए।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो इस्पात संयंत्र में आवास आवंटन एवं रिकॉर्ड प्रबंधन को लेकर बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) ने गंभीर सवाल उठाते हुए प्रबंधन से पांच वर्षों के ऐसे सभी मामलों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जहां कर्मचारियों को वास्तविक कब्जा दिए बिना ही उनके नाम आवास दर्ज कर दिए गए और बाद में उसी आधार पर पेनल रेंट एवं नोटिस जारी किए गए।
BAKS का आरोप है कि कई मामलों में आवास पर पहले से अन्य व्यक्तियों का कब्जा होने के बावजूद उसे कर्मचारी के नाम रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। दूसरी ओर कर्मचारी के वेतन अभिलेख में पुराना आवास दर्ज रहा और उसका किराया एवं अन्य शुल्क भी नियमित रूप से कटता रहा। कर्मचारियों द्वारा विभाग को समय रहते सूचना देने के बावजूद रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया गया।
संघ ने सवाल उठाया है कि “जब कर्मचारी को आवास का वास्तविक कब्जा ही नहीं मिला, तो उसे अधिभोगी मानकर पेनल रेंट किस आधार पर लगाया गया?” BAKS अध्यक्ष दिलीप कुमार ने कहा, “विभागीय रिकॉर्ड की गलती या प्रशासनिक लापरवाही का आर्थिक बोझ कर्मचारी पर डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। कर्मचारी को बिना कब्जा दिए उसके नाम आवास दर्ज करना और फिर पेनल रेंट लगाना गंभीर प्रशासनिक विसंगति है।”
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में केवल कर्मचारी से वसूली करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जांच होनी चाहिए कि संबंधित आवास पर वास्तविक रूप से कौन रह रहा था और अनधिकृत कब्जाधारी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई।
दिलीप कुमार ने कहा कि संघ मांग करता है कि गलत तरीके से लगाए गए पेनल रेंट एवं नोटिस तत्काल निरस्त किए जाएं तथा कर्मचारियों से वसूली गई अनुचित राशि वापस/समायोजित की जाए। उन्होंने कहा, “BAKS कर्मचारियों के साथ अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा।
आवास आवंटन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और वास्तविक कब्जे का प्रमाण अनिवार्य होना चाहिए। दोषी पाए जाने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।” संघ ने भविष्य में प्रत्येक आवास हस्तांतरण के समय कब्जा प्रमाण-पत्र, संयुक्त निरीक्षण एवं फोटोग्राफिक साक्ष्य अनिवार्य करने की भी मांग की है।

