केशव बंछोर ने-प्रशासन से छोटे और बड़े पंडालों के बीच स्पष्ट अंतर करते हुए गैर-व्यावसायिक छोटे पूजा पंडालों को राहत देने की मांग की है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। गणेशोत्सव और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान लगाए जाने वाले छोटे एवं गैर-व्यावसायिक पूजा पंडालों को प्रति वर्गफीट शुल्क के दायरे से बाहर रखने की मांग उठी है। रिसाली नगर पालिक निगम के सभापति केशव कुमार बंछोर ने इस संबंध में दुर्ग कलेक्टर को पत्र लिखकर छोटे पूजा पंडालों को शुल्क से छूट देने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
कलेक्टर को भेजे पत्र में सभापति बंछोर ने कहा है कि शहर की विभिन्न कॉलोनियों और मोहल्लों में स्थानीय बच्चे, युवा और नागरिक धार्मिक आस्था एवं सामाजिक सहभागिता के उद्देश्य से छोटे पूजा पंडाल लगाते हैं। इन पंडालों में किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि नहीं होती। स्थानीय सहयोग और चंदे से इनका आयोजन किया जाता है।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि ऐसे छोटे पंडालों से प्रति वर्गफीट शुल्क लिया जाना आयोजकों के लिए आर्थिक रूप से बोझिल और व्यवहारिक रूप से उचित नहीं है। इसके विपरीत बड़े व्यावसायिक पंडालों में प्रवेश शुल्क, दुकानें, झूले आदि जैसी व्यावसायिक गतिविधियां होती हैं। ऐसे आयोजनों से नियमानुसार शुल्क लिया जाना उचित है।
5 हजार वर्गफीट तक छूट की मांग
केशव बंछोर ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि 5,000 वर्गफीट तक के छोटे एवं गैर-व्यावसायिक पूजा पंडालों को प्रति वर्गफीट शुल्क से पूर्णतः मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर होने वाले धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को राहत मिलेगी और छोटे आयोजकों पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। पत्र में सभापति ने जनहित और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
छोटे आयोजकों की परेशानी को समझने की अपील
बंछोर ने कहा कि पूजा पंडाल केवल धार्मिक आयोजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मोहल्ले के लोगों को जोड़ने और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने का भी जरिया हैं। ऐसे आयोजनों का स्वरूप व्यावसायिक नहीं होने की स्थिति में शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से छोटे और बड़े पंडालों के बीच स्पष्ट अंतर करते हुए गैर-व्यावसायिक छोटे पूजा पंडालों को राहत देने की मांग की है। उनके पत्र की प्रतिलिपि रिसाली नगर पालिक निगम के आयुक्त को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

