भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन मृत मजदूर ललित कुमार साहू की पत्नी निर्मला साहू को अनुकंपा नियुक्ति का पत्र सौंपेगी। मंगल को पोस्टमार्टम।
- हादसे पर 3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित।
- इस्पात मंत्रालय की सीधी नजर, रिपोर्ट तलब।
- मृतक मजदूर की पत्नी को बीएसपी देगी अनुकंपा नियुक्ति
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन बैटरी 5 एरिया में मजदूर की मौत के बाद कोहराम मचा हुआ है। सूचनाजी.कॉम में खबर आते ही सेल कारपोरेट आफिस, इस्पात मंत्रालय तक एक्शन शुरू हो गया। बीएसपी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। सीजीएम मैकेनिकल विवेक वर्मा, जीएम सेफ्टी एसके मेहतो, जीएम यूआरएम इलियास अहमद को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सेल कारपोरेट आफिस और इस्पात मंत्रालय हादसे पर नज़र बनाए हुए है। पल-पल की रिपोर्ट ली गई है। हादसे के बाद घटनास्थल को सील कर दिया गया है। किसी को किसी चीज से छेड़छाड़ की अनुमति नहीं है। जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। मौके पर हेमन” मेक स्किड स्टीयर लोडर के पहिए के पास एक लोहे का एंगल दिखा। सवाल ये उठा कि आखिर एंगल वहां क्यों है? बारीकी से जांच करने पर पता चला कि जमीन में धंसने से एंगल के एक सिरे पर सीमेंट के कण, मिट्टी आदि लगे हैं।
वहीं, जमीन पर एंगल के धंसने के निशान भी मिले है। लोडर के नीचे और ड्राइवर के पास के हिस्से में एंगल के निशान भी पाए गए हैं। इससे ये साफ हो गया है कि मृतक मजदूर ललित ने इस एंगल को जैक की तरह इस्तेमाल करते हुए गाड़ी को उठाया था। जिस तरह से जेसीबी को उठाने के लिए पीछे की तरफ स्टेबलाइजर्स (Stabilizers) या आउटरिगर्स (Outriggers) काम करता है।
Stabilizers मशीन के पिछले हिस्से में अंदर से दो मजबूत हाइड्रोलिक पैर (रॉड) नीचे जमीन पर निकलते हैं। ये मशीन को जमीन पर मजबूती से टिका कर रखते हैं ताकि खुदाई करते समय गाड़ी हिले या पलटे नहीं। इसी फॉर्मूले पर काम करते हुए मजदूर ने लोहे का एंगल टिकाकर गाड़ी को उठाया, लेकिन मौत नसीब हो गई।
गाड़ी को उठाने के लिए एक हाथ से लीवर को दबाए था। दूसरे हाथ से एंगल का बैलेंस बनाने के लिए बाहर की तरफ झुका था। अचानक से एंगल स्लिप होने से लोडर का एक हिस्सा पीछे की तरफ आया और मजदूर दब गया।
सामने के दरवाजे एवं बकेट के बीच फंसा हुआ मजदूर पाया गया था। मशीन चालू हालत में थी। हाइड्रोलिक भी फेल नहीं हुआ था।
अगर हाईड्रोलिक फेल हुआ होता तो आयल फैलना तय था। मौके पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। मजदूर का निचला शरीर मशीन के बाहर, जबकि ऊपरी हिस्सा मशीन के अंदर तथा दरवाजे के कांच की ओर था। फिलहाल, किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने तक इंतजार करना होगा।
पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देगा बीएसपी
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों को सुपुर्द कर दिया जाएगा। बीएसपी प्रबंधन की ओर से मृतक मजदूर ललित कुमार कुमार साहू की पत्नी निर्मला साहू को अनुकंपा नियुक्ति का पत्र दिया जाएगा। मजदूर का 10 लाख का दुर्घटना बीमा है। ठेकेदार से 2 लाख मुआवजा देने की बात कही जा रही है। ईएसआइसी से मुआवजा और एस-1 ग्रेड में नौकरी से परिवार को कुछ राहत मिलेगी।
इंटक ने की उच्च प्रबंधन से ये बात
घटना के बाद इंटक के महासचिव संजय साहू, गुरुदेव साहू, जयराम ध्रुव भी अस्पताल पहुंचे। पीड़ित परिवार की मदद के लिए प्रबंधन से बातचीत की। उच्च प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि परिवार का पूरा सहयोग किया जाएगा। संजय का कहना है कि मजदूर की जान बचाने के लिए सबने कोशिश की।
व्रत रखकर पत्नी करती रही पति का इंतजार, आई मौत की खबर
तीजा का उपवास रखे निर्मला साहू अपने पति के घर लौटने का इंतजार ही करती रह गई। शाम को पति घर लौटा नहीं, मौत की खबर आ गई। बीएसपी अधिकारियों ने पत्नी को बुलाकर मृत मजदूर का चेहरा दिखाया। शव को सेक्टर 9 हॉस्पिटल की मरच्यूरी में रखा गया है। मृत मजदूर के बच्चे की उम्र 8 साल और दूसरे की ढाई साल है। राजनांदगांव के नवागांव के मूल निवासी हैं। मरोदा पानी टंकी के पास ललित रहता था।
10-15 लोगों ने लोडर को उठाकर जख्मी मजदूर को निकाला बाहर
हादसे के वक्त अचानक से तेज आवाज़ सुनकर आसपास मौजूद लोग दौड़ पड़े। लोडर में फंसे मजदूर को बाहर निकालने के लिए आगे से 10-15 लोगों ने लोडर उठाया, जिसके बाद जख्मी मजदूर को बाहर निकाला जा सका। सीना दबने की वजह से अंदरुनी चोट लगी। इसकी वजह से जान नहीं बच सकी।




