Bhilai Steel Plant: 13 लाख 24 हजार रुपए के भुगतान से ठेका श्रमिकों को राहत मिली है। बोनस, अन्य बकाया लंबे समय से लंबित था।
- जोहार इस्पात श्रमिक संघ छत्तीशगढ़ के अध्यक्ष अरुण सिंह सिसोदिया की सक्रियता के बाद ये हक मिल सका।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत सैकड़ों ठेका श्रमिकों के खातों में 10 हजार से लेकर 21 हजार रुपए तक की राशि पहुंची है। श्रमिकों को बोनस, छुट्टी का वेतन, राष्ट्रीय अवकाश सहित अन्य लंबित बकाया का अंतिम भुगतान कराया गया है। बताया गया है कि श्रमिकों को कुल 13 लाख 24 हजार रुपए का भुगतान किया गया है।
जोहार इस्पात श्रमिक संघ छत्तीशगढ़ के अध्यक्ष अरुण सिंह सिसोदिया की सक्रियता के बाद ये हक मिला है। यह भुगतान केंद्रीय श्रमायुक्त के हस्तक्षेप के बाद ठेकेदार की ओर से कराया गया। भुगतान होने के बाद श्रमिकों को लंबे समय से लंबित अपने बकाया की राशि मिल सकी है। प्रत्येक श्रमिक के खाते में उसकी पात्रता के अनुसार अलग-अलग राशि जमा की गई है।
यूनियन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, भिलाई इस्पात संयंत्र समेत अन्य निजी संयंत्रों में कंपनियों और ठेकेदारों की ओर से श्रमिकों के शोषण और मनमानी के मामले सामने आते रहते हैं। आरोप लगाया गया कि कई जगह श्रमिकों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित किया जाता है।
यूनियन ने कार्यस्थल पर सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि प्रबंधन और ठेकेदारों की कथित लापरवाही के कारण कई बार श्रमिकों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। यूनियन ने श्रम विभाग से जुड़े अधिकारियों के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि फैक्ट्री इंस्पेक्टर, श्रमायुक्त, भविष्य निधि आयुक्त और कर्मचारी राज्य बीमा निगम से जुड़े अधिकारियों को श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभानी चाहिए। यूनियन का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियों के समुचित निर्वहन में कमी के कारण श्रमिक अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। हालांकि, ये आरोप यूनियन की ओर से लगाए गए हैं।
शोषण के खिलाफ एकजुट होने की अपील
यूनियन ने श्रमिकों से अपील की है कि कहीं भी वेतन, बोनस, छुट्टी वेतन, राष्ट्रीय अवकाश, पीएफ, ईएसआई या अन्य वैधानिक अधिकारों से जुड़े शोषण का मामला सामने आए तो वे एकजुट होकर आवाज उठाएं। यूनियन ने भरोसा दिलाया कि श्रमिकों को उनका न्याय और अधिकार दिलाने के लिए वह पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी।
13 लाख 24 हजार रुपए के भुगतान से उन ठेका श्रमिकों को राहत मिली है, जिनका बोनस और अन्य बकाया लंबे समय से लंबित बताया जा रहा था। केंद्रीय श्रमायुक्त के हस्तक्षेप के बाद भुगतान होना इस मामले में श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




