HR, वित्त विभाग और EPFO के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावित कर्मचारियों की सेकेंड डिमांड राशि की कटौती कराने की मांग की गई।
- अधिकतर स्थानीय मुद्दों के शीघ्र समाधान का रोडमैप सौंपा, विभागीय समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा।
- EPS 95 के तहत उच्च पेंशन के लिए आवेदन करने वाले कर्मचारियों की सेकेंड डिमांड राशि की कटौती और अप्रूवल में देरी का मुद्दा भी उठाया गया।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट के SMS-2 CCS विभाग में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर BSL अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) की विभागीय प्रबंधन के साथ बैठक हुई। बैठक में पूर्व में आयोजित विभागीय बैठकों के दौरान कर्मचारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को SMS-2 CCS के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) के समक्ष रखा गया। प्रबंधन की ओर से अधिकांश स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए आगामी कुछ माह का रोडमैप यूनियन को दिए जाने की बात कही गई। विभाग से बाहर के मुद्दों को संबंधित विभागों और उच्च प्रबंधन के संज्ञान में लाकर समाधान कराने का आश्वासन भी दिया गया।
इंसेंटिव-रिवॉर्ड राशि में कटौती नहीं होगी
बैठक में इंसेंटिव-रिवॉर्ड फॉर्मूला के आधार पर कम हुई राशि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन के अनुसार, उत्पादन में लगातार वृद्धि के बावजूद वर्ष 2007 के फॉर्मूले के आधार पर इंसेंटिव-रिवॉर्ड राशि का भुगतान किया जा रहा है।
इस पर CGM और मानव संसाधन विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उपलब्ध आंकड़ों का अध्ययन कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि किसी भी स्थिति में पुरानी इंसेंटिव-रिवॉर्ड राशि से कम भुगतान नहीं होने दिया जाएगा।
एक्टिंग अलाउंस और मल्टी स्किलिंग की मांग
यूनियन ने कहा कि विभाग में कई कर्मचारी अपने से उच्च ग्रेड के कर्मचारियों का कार्य कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को नियमानुसार एक्टिंग अलाउंस दिए जाने तथा एक्टिंग अलाउंस को संशोधित कर पुनः शुरू करने की मांग की गई। इसके साथ ही मल्टी स्किलिंग स्कीम प्रारंभ करने की मांग भी प्रबंधन के समक्ष रखी गई।
अतिरिक्त उत्पादन पर मिले प्रोत्साहन
बैठक में नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशनल स्कीम लागू करने की मांग की गई। यूनियन ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य से अधिक उत्पादन होने पर अतिरिक्त उत्पादन के आधार पर सभी कार्मिकों को इस योजना के तहत उपहार देकर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
हायर पेंशन के सेकेंड डिमांड का मुद्दा
EPS 95 के तहत उच्च पेंशन के लिए आवेदन करने वाले कर्मचारियों की सेकेंड डिमांड राशि की कटौती और अप्रूवल में देरी का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन के अनुसार, कई कर्मचारियों की पहली डिमांड राशि में बड़ी रकम की कटौती हो चुकी है, लेकिन दूसरी डिमांड राशि की कटौती अब तक नहीं हुई है।
यूनियन ने कहा कि इससे सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों की पेंशन शुरू होने में देरी हो सकती है। साथ ही जमा राशि पर ब्याज का लाभ भी प्रभावित होने की आशंका है। इस समस्या के समाधान के लिए HR, वित्त विभाग और EPFO के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावित कर्मचारियों की सेकेंड डिमांड राशि की कटौती कराने की मांग की गई।
कैंटीन की गुणवत्ता सुधारने की मांग
विभाग के आसपास संचालित कैंटीनों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया गया। यूनियन ने सेल कॉर्पोरेट कार्यालय की कैंटीन की तर्ज पर विभाग की कैंटीन संचालित करने की मांग की।
यूनियन ने उदाहरण देते हुए कहा कि सेल कॉर्पोरेट कार्यालय की कैंटीन में ₹22 में चावल, रोटी, दाल, मिक्स सब्जी, सूखी सब्जी, गाजर का हलवा, सलाद और पापड़ आदि उपलब्ध कराए जाते हैं। इसी प्रकार SMS-2 CCS की कैंटीनों में भी गुणवत्तापूर्ण और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराने की मांग की गई।
अटेंडेंस से लेकर रेस्ट रूम तक कई मुद्दे
कर्मचारियों ने अटेंडेंस करेक्शन सिस्टम को आसान बनाने, विभाग के सभी अनुभागों के रेस्ट रूम में बेहतर फर्नीचर, कूलर/एसी, RO पेयजल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके अलावा विभाग के ड्रेनेज सिस्टम का बरसात से पहले और बरसात के दौरान सर्वेक्षण कर सफाई कराने, शेड में लटकी पुरानी शीटों को तत्काल हटाने तथा दुर्घटना की आशंका को दूर करने की मांग की गई।
शौचालयों की हालत सुधारने की मांग
यूनियन ने विभाग के सभी अनुभागों के शौचालयों का सर्वेक्षण कराकर गंदे एवं क्षतिग्रस्त शौचालय, टूटे दरवाजे-खिड़कियां, जर्जर कमोड, वॉश बेसिन, खराब लाइट, एग्जॉस्ट फैन और टूटी टाइल्स की मरम्मत कराने की मांग की। साथ ही शौचालयों की नियमित साफ-सफाई के लिए कैलेंडर तैयार कर उसके अनुपालन की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई।
पेयजल, सड़क और शेड में पानी गिरने की समस्या
विभाग के कई अनुभागों में खराब पड़े वाटर प्यूरीफायर के अनुरक्षण तथा समय पर आवश्यक उपकरण और फिल्टर बदलने की मांग की गई। विभाग के भीतर आवागमन के लिए बनी जर्जर सर्विस रोड की मरम्मत कराने और जलजमाव की समस्या दूर करने की मांग भी उठाई गई।
इसके अलावा जर्जर अथवा जाम चैनल और शीट के कारण बारिश के दौरान शेड में पानी गिरने की समस्या का स्थायी समाधान कराने तथा 36 मीटर एरिया में कार्यरत कर्मचारियों के लिए RO युक्त पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई।
आंदोलन की चेतावनी
बैठक के बाद SMS-2 CCS के विभागीय प्रतिनिधि त्रिवेणी सिंह और अनिरुद्ध शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रबंधन कुछ नया देने के बजाय पुराने लाभ में ही कटौती करने की कोशिश करता रहा है। उन्होंने इंसेंटिव/रिवॉर्ड राशि में कमी को इसका उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यदि इंसेंटिव/रिवॉर्ड राशि का मामला नहीं सुलझाया गया तो कर्मचारी विभागीय स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
बैठक में BAKS के महासचिव हरिओम, कोषाध्यक्ष राहुल कुमार साव, उपमहासचिव माणिक मुंडा, विभागीय प्रतिनिधि त्रिवेणी सिंह सहित विभाग के बड़ी संख्या में कर्मचारी और यूनियन सदस्य मौजूद रहे।
