- 29 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर 14 दिसंबर 2025 को अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक हुई थी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी लगातार समसयाओं से जूझ रहे हैं। अस्पताल के कर्मचारी खासतौर से पॉलिसी की मार झेल रहे हैं। पदनाम और प्रमोशन को लेकर भटक रहे हैं। प्रबंधन की ढिलाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सीटू के अस्पताल जोन की कमेटी बार-बार अस्पताल प्रबंधन के साथ कार्मिक विभाग की उपस्थिति में कुछ खास विषयों पर बात करना चाहता है। किंतु कार्मिक विभाग है कि समय देने के लिए तैयार ही नहीं है। तरह-तरह के बहाने बना रहे है। कभी कहते है कि एमटीए के लिए डी-क्लस्टर की क्या आवश्यकता है?
कभी कहते हैं कि एमटीए मे डी क्लस्टर को 2018 में ही क्यों नहीं बनवा लिए? कभी कहते हैं कि कार्मिक विभाग के महाप्रबंधक प्रभारी इलाज के लिए बाहर गए हैं? कभी कहते हैं कि मेरे पास बहुत काम है? बहुत सी जिम्मेदारी है। इन सारी बातों को सुनने के बाद सीटू नेताओं ने कहा-कुल मिलाकर रत्ती भर काम नहीं और क्षण भर आराम नहीं वाला कहावत चरितार्थ हो रहा है।
अस्पताल प्रबंधन के साथ 14 दिसंबर 2025 को हुई थी बैठक
सीटू के सहायक महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी ने कहा कि 29 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर 14 दिसंबर 2025 को अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक हुई थी। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (प्रभारी) डॉक्टर विनीता द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कौशलेंद्र ठाकुर एवं डॉक्टर उदय उपस्थित थे। किंतु कार्मिक अधिकारी छुट्टी पर थीं।
बैठक में चर्चा के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने कहा था कि मांग पत्र में कई मांगे कार्मिक अधिकारी की उपस्थिति में चर्चा किया जाना है, जिसे जल्द ही किया जाएगा। उस दिन से आज तक चार माह बीत चुके हैं। ना कार्मिक विभाग को फुर्सत है, न ही अस्पताल प्रबंधन इस पर सोच रहा है।
महाप्रबंधक प्रभारी कार्मिक के साथ भी हो चुकी है बैठक
सीटू नेता ने बताया कि अस्पताल के मुद्दों पर दिए गए पत्र को लेकर कार्मिक विभाग के महाप्रबंधक प्रभारी जेएन ठाकुर के साथ 23 फरवरी 2026 को बैठक हो चुकी है। उक्त बैठक में अस्पताल की कार्मिक अधिकारी भी उपस्थित थीं, जिन्हें महाप्रबंधक (प्रभारी) द्वारा आवश्यक निर्देश भी दिया गया था।
यूनियन ने उस समय कहा था कि हमारी अस्पताल की टीम अस्पताल के कार्मिक अधिकारी के साथ चर्चा करेगी। वे उचित कदम उठाएं। किंतु उसके बाद से जब-जब कार्मिक अधिकारी से उक्त पत्र में दिए गए मुद्दों पर चर्चा करने की कोशिश की गई, तब-तब उनके द्वारा मुद्दों एवं बैठक को टाला जाता रहा है।
उच्च प्रबंधन कहता है कि बैठक करो और कार्मिक प्रबंधन लगा रहा है रोड़ा
सीटू महासचिव टी. जोगा राव का कहना है कि उच्च प्रबंधन कहता है कि विभाग में कार्मिक प्रबंधन के स्तर पर बैठक करके कर्मियों से संबंधित मुद्दों का समाधान निकाला कीजिए। किंतु कई विभागों में वास्तविकता ठीक इसके विपरीत है। अस्पताल में तो यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि उच्च प्रबंधन के साथ होने वाली बैठक के लिए वहां का कार्मिक प्रबंधन ही रोढ़ा बना हुआ है।
इन मुद्दों पर होना है अस्पताल प्रबंधन एवं कार्मिक प्रबंधन के साथ बैठक
1. मेडिकल विभाग में पदनाम परिवर्तन कर नए पदनाम दिया जाए। जैसे नर्सिंग सिस्टर की जगह नर्सिंग ऑफिसर एवं टेक्निकल स्टाफ को टेक्निकल ऑफिसर का पदनाम दिया जाए।
2. पिछले 30 साल से ज्वाइन किए गए मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट अब तक सीनियर टेक्नोलॉजिस्ट में प्रमोशन नहीं हो पाए हैं।
3. एमटी में C और D क्लस्टर में कर्मियों को पदोन्नत किया जाए।
4. एमटीए में D क्लस्टर लाया जाए।
5. फार्मेसी में सीनियरिटी लिस्ट को डिस्प्ले किया जाए।
6. एमटीआर में पदनाम परिवर्तन कर क्लस्टर रोल में लाया जाए।
7. लैब, ब्लड बैंक, माइक्रोबायोलॉजी रेडियोलॉजी, फार्मेसी आदि जगहों पर रेस्ट रूम और चेंजिंग रूम की व्यवस्था किया जाए।
8. यूनियन के द्वारा समय समय पर अनेक विषयों को उठाए हैं, उन पर अब तक क्या कार्य किया गया है उसको सूचित किया जाए।












