EPS 95 Higher Pension पर सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर, 15 को सुनवाई, पढ़िए डिटेल
पेंशनर्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के रूख से हमें ईपीएस 95 हायर पेंशन (EPS 95 Higher Pension) में बेहतर की आशा करनी चाहिए। साल 2014 के बाद वालों की हायर पेंशन चालू की जा चुकी है। पीएफ ट्रस्ट की वजह से पीएसयू में विवाद बरकरार है, जहां पेंशन चालू नहीं हो सकी है। सूचनाजी न्यूज, छत्तीसगढ़। EPS 95 Higher Pension: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) पर दबाव लगातार बनाया जा रहा है। 1 सितंबर 2014 से पहले वालों को भी उच्च पेंशन के दायरे में लाने की लड़ाई जारी है। अब खबर आ र
- पेंशनर्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के रूख से हमें ईपीएस 95 हायर पेंशन (EPS 95 Higher Pension) में बेहतर की आशा करनी चाहिए।
- साल 2014 के बाद वालों की हायर पेंशन चालू की जा चुकी है।
- पीएफ ट्रस्ट की वजह से पीएसयू में विवाद बरकरार है, जहां पेंशन चालू नहीं हो सकी है।
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ईपीएफओ (EPFO) उन्हें 04.11.2022 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पैरा 44(v) का आधार लेकर उच्च पेंशन (Higher Pension) का लाभ देने से मना कर रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इन एसएलपी में याचिकाकर्ता (उच्च पेंशन नहीं ले रहे हैं) उन लोगों की तुलना में थोड़ा अलग हैं, जो 23.03.2017 के परिपत्र के अनुसार उच्च पेंशन ले रहे थे।
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लेकिन उपरोक्त दोनों श्रेणियों के पेंशनभोगियों को अब ईपीएफओ द्वारा 04.11.2022 के फैसले के पैरा 44(v) की गलत व्याख्या करके उच्च पेंशन के लाभ से वंचित किया जा रहा है। पेंशनर्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के रूख से हमें ईपीएस 95 हायर पेंशन (EPS 95 Higher Pension) में बेहतर की आशा करनी चाहिए।
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