हॉट स्ट्रिप मिल (एचएसएम) के कर्मचारियों की समस्याओं के निवारण की प्रारंभिक जिम्मेदारी विभागीय प्रबंधन की होती है।
- हॉट स्ट्रिप मिल के मुद्दों पर दोनों सीजीएम के साथ बैठक, जल्द समाधान का आश्वासन।
- बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों की लंबित समस्याएं प्रबंधन के समक्ष रखीं।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। हॉट स्ट्रिप मिल (एचएसएम) से जुड़े कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ की ओर से दो सीजीएम के साथ बैठक की गई। बैठक में पूर्व में हुई विभागीय बैठकों के दौरान कर्मचारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को विस्तार से प्रबंधन के समक्ष रखा गया।
बैठक में प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया कि स्थानीय स्तर से जुड़े अधिकतर मुद्दों के समाधान के लिए आने वाले कुछ महीनों में रोडमैप तैयार कर उन्हें मूर्त रूप दिया जाएगा। वहीं, विभागीय स्तर से बाहर के मामलों को संबंधित विभागों और उच्च प्रबंधन के संज्ञान में लाकर उनके समाधान का प्रयास करने की बात कही गई।
बैठक में उठाए गए कर्मचारियों के प्रमुख मुद्दे
1. इंसेंटिव रिवार्ड फॉर्मूले में संशोधन
हॉट स्ट्रिप मिल के उत्पादन में लगातार वृद्धि के बावजूद वर्ष 2007 के फॉर्मूले के आधार पर इंसेंटिव रिवार्ड राशि का भुगतान किए जाने का मुद्दा उठाया गया। यूनियन ने वर्तमान उत्पादन और परिस्थितियों के अनुरूप फॉर्मूले में संशोधन की मांग की।
2. क्रेन केबिन की सुविधाएं
क्रेन ऑपरेटरों के बैठने के लिए कुर्सी की व्यवस्था नहीं होने, केबिन के शीशे के पारदर्शी नहीं होने और पर्याप्त प्रकाश की कमी का मुद्दा उठाया गया। इसके अलावा क्रेन केबिन में एसी की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
3. क्रेन अनुरक्षण
क्रेन का स्थायी रूप से अनुरक्षण नहीं होने तथा हॉट क्वायल के ऊपर क्रेन के अनुरक्षण के दौरान कर्मचारियों को होने वाली कठिनाइयों का मुद्दा उठाया गया।
4. पुलपिट केबिन की स्थिति
पुलपिट केबिन का फर्श क्षतिग्रस्त होने और केबिन के शीशों की नियमित सफाई नहीं होने की समस्या बताई गई। गंदे शीशे के कारण बाहर की दृश्यता प्रभावित होने और उत्पादन के दौरान परेशानी होने की बात कही गई।
5. पोस्ट नंबर-10 की फ्लाइंग शीयर
पोस्ट नंबर-10 में फ्लाइंग शीयर का ऑटो-कट काम नहीं करने के कारण हर बार क्वायल को मैनुअली काटने की समस्या से प्रबंधन को अवगत कराया गया।
6. क्रेन कार्य में रिलीवर की व्यवस्था
क्रेन जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य में रिलीवर की व्यवस्था करने की मांग की गई, ताकि ऊंचाई पर काम करने वाले कर्मचारियों को मानसिक दबाव से राहत मिल सके और कार्य के दौरान सुरक्षा बेहतर हो।
7. क्वायलर केबिन की समस्याएं
क्वायलर केबिन की नियमित साफ-सफाई नहीं होने, क्षतिग्रस्त कुर्सी, गंदे ग्लास और मॉनिटर की स्क्रीन को सही स्थिति में रखने से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
8. कैंटीन संचालन
रात्रि पाली में कैंटीन खुली रखने तथा सेल कॉर्पोरेट कार्यालय की तर्ज पर कैंटीन संचालन की व्यवस्था करने का मुद्दा उठाया गया।
9. रेस्ट रूम और एसी की सुविधा
क्वायलर के पास रेस्ट रूम की सुविधा उपलब्ध नहीं होने की समस्या उठाई गई। साथ ही मिल डाउन के दौरान एसी बंद किए जाने से कर्मचारियों को गर्म वातावरण में होने वाली परेशानी से प्रबंधन को अवगत कराया गया।
10. वाटर कूलर
मोटर-1 में वाटर कूलर खराब होने का मुद्दा उठाया गया।
11. रफिंग एरिया में जलजमाव
रफिंग एरिया में रेल पटरी पर पानी जमा होने के कारण कर्मचारियों को शौचालय जाने में होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया गया।
12. शौचालय की समस्या
एचएसएम में कर्मचारियों की संख्या और आवश्यकता के अनुरूप शौचालय उपलब्ध नहीं होने की समस्या बताई गई। इसके साथ ही शौचालयों की साफ-सफाई और खराब दरवाजों की मरम्मत की मांग भी रखी गई।
यूनियन के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में यूनियन की ओर से महासचिव हरिओम, कोषाध्यक्ष राहुल कुमार साव, विभागीय प्रतिनिधि शत्रुंजय कुमार सहित विभाग के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।
विभागीय प्रबंधन की जिम्मेदारी पर जोर
हॉट स्ट्रिप मिल के विभागीय प्रतिनिधि शत्रुंजय सिंह ने कहा, “विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं के निवारण की प्रारंभिक जिम्मेदारी विभागीय प्रबंधन की होती है। इसी भावना से एचएसएम विभाग के दोनों सीजीएम को कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया गया है। आशा है कि बैठक में मुद्दों के निराकरण को लेकर दी गई सहमति को जल्द मूर्त रूप दिया जाएगा।
