सेल कर्मचारियों का ₹32,000 बोनस तय। बोकारो स्टील प्लांट में गुस्सा जारी है। जय झारखंड मजदूर समाज ने सेल प्रबंधन और NJCS का पुतला फूंका।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल कर्मचारियों का बोनस भले ही तय हो गया हो, लेकिन बोकारो स्टील प्लांट में कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों का आक्रोश शांत होता नजर नहीं आ रहा है। बोनस समझौते में ₹32,000 तय किए जाने और ठेका श्रमिकों को बोनस/प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव से बाहर रखे जाने के विरोध में जय झारखंड मजदूर समाज के बैनर तले गांधी चौक, सेक्टर-4 में सेल प्रबंधन और एनजेसीएस का पुतला दहन किया गया।
पुतला दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में इस्पातकर्मियों और ठेका श्रमिकों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने बोनस समझौते को लेकर नाराजगी जताई और ठेका श्रमिकों के लिए भी उत्पादन तथा मुनाफे में उनके योगदान के अनुपात में आर्थिक लाभ की मांग उठाई।
यूनियन के महामंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा केन्द्रीय सदस्य बीके चौधरी ने एनजेसीएस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों के साथ पहले से ही न्याय नहीं हो रहा है। वर्ष 2017 में हुए वेज रिवीजन का 39 महीने का एरियर सहित कई मांगें अब तक लंबित हैं। ऐसे में 1 अक्टूबर को दिल्ली में हुई एनजेसीएस की बैठक में बोनस के रूप में ₹32,000 पर समझौता किया गया है, जबकि वर्ष 2022 में कर्मचारियों को इससे अधिक बोनस मिला था।
चौधरी ने कहा कि सेल के उत्पादन और मुनाफे में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में कर्मचारियों को मिलने वाला बोनस पिछले भुगतान की तुलना में बेहतर होना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस्पातकर्मियों को प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है, तो उत्पादन और मुनाफे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ठेका श्रमिकों को इससे अलग क्यों रखा जा रहा है।
‘ठेका श्रमिकों को कम से कम एक तिहाई लाभ मिले’
बीके चौधरी ने कहा कि ठेका श्रमिकों को बोनस का अधिकार नहीं होने की बात कही जाती है, लेकिन सेल प्रबंधन और एनजेसीएस के नेताओं को यह भी देखना चाहिए कि प्लांट के उत्पादन और मुनाफे में ठेका श्रमिकों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि दुर्गापूजा के अवसर पर ठेका श्रमिकों को कम से कम कर्मचारियों के बोनस का एक-तिहाई हिस्सा ही दिया जाए।
उन्होंने कहा कि मजदूरों के बंटे होने का फायदा प्रबंधन उठा रहा है। अपने हक और अधिकार के लिए मजदूरों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने श्रमिकों से नेताओं के आचरण को याद रखते हुए अपनी एकता मजबूत करने का आह्वान किया। चौधरी ने कहा कि जायज मांगों को हासिल करने के लिए श्रमिकों में प्रबंधन को अपनी मांगों के लिए झुकाने का जज्बा होना चाहिए।
कार्यक्रम में यूनियन अध्यक्ष एनके सिंह, संयुक्त महामंत्री शंकर कुमार, अनिल कुमार, आरबी चौधरी, झामुमो नेता हसन इमाम, फैयाज आलम, सीकेएस मुंडा, आई. अहमद, रोशन कुमार, तुलसी साहू, देवेंद्र गोराई, ए.डब्ल्यू. अंसारी, आरआर सोरेन, नासिर खान, मोहन मांझी, विजय कुमार साह, रमा रवानी, राजेंद्र प्रसाद, मन्नू मांझी, विनोद कुमार, मनोज कुमार, शशि भूषण, उत्तम कुमार, इमरान अंसारी, जितेंद्र कुमार सिंह, सतेंद्र कुमार, भगीरथ महतो, संजय कुमार, हरेंद्र पासवान सहित अन्य मौजूद रहे।
