Suchnaji.com ने शुक्रवार रात बोरिया गेट की पड़ताल की। यहां सेफ्टी की खुलेआम धज्जियां उड़ती दिखी। कैमरे में मंज़र कैद किए गए।
- समय रहते जाग जाइए और दुर्ग प्रशासन-पुलिस के साथ महा अभियान चलाकर टाउनशिप की सड़कों को कब्जामुक्त करा लीजिए।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। कब्जेदारों के खिलाफ लगातार कार्रवाई होनी चाहिए। गुंडई पर लगाम लगना चाहिए। पुलिस और जिला प्रशासन को अपनी मंशा भी अब साफ कर देनी चाहिए। कब्जेदारों को संरक्षण देने वाले नेताओं के नाम उजागर होने चाहिए, ताकि सफेदपोश नेताओं की कथनी जनता देख सके।
साथ ही भिलाई स्टील प्लांट के उच्चाधिकारियों को भी बेनकाब करना जरूरी है। तालपुरी के आसपास से इस्पात भवन और प्लांट तक हर दिन आवाजाही जिस रास्ते से अधिकारी करते हैं, वहीं कब्जेदार खुलेआम बीएसपी प्रबंधन को ठेंगा दिखा रहे। डीआइसी और ईडी हर दिन मंज़र देखकर मौन साध जाते हैं, जिसका खामियाजा अब कर्मचारियों को पथराव से सामना करके भुगतना पड़ता है।
पंथी चौक के पास शुक्रवार शाम को हुए पथराव में बीएसपी कर्मचारी जख्मी हुए। आइसीयू में भर्ती करना पड़ा है। इस घटना के बाद टाउनशिप में क्या बदलाव नज़र आया, इसकी पड़ताल के लिए सूचनाजी.कॉम बोरिया गेट पर पहुंचा। यहां की तस्वीर बीएसपी को चिढ़ा रही थी। रात के 9.45 बजे से सवा 10 बजे तक सूचनाजी.कॉम ने मंजर को कैमरे में कैद किया।
यहां हादसे का पूरा इंतजाम नजर आया। नो-इंट्री टाइम में तेज रफ्तार ट्रकों की आवाजाही दिखी। कोई रोकने-टोकने वाला नहीं। बोरिया गेट के बाहर ही ठेले लगे थे, जहां फलों की बिक्री हो रही थी। गेट से चंद कदमों की दूरी पर खुलेआम कब्जेदार धज्जियां उड़ाते दिखे। रात में हादसे को दावत देने के लिए मवेशी भी चहल-कदमी करते रहे। नगर सेवाएं विभाग और सेफ्टी डिपार्टमेंट की हरकतों और ढिलाई का पूरा सबूत बोरिया गेट पर नज़र आया। बोरिया गेट से महज 15-20 कदमों की दूरी पर ही 2 ट्रक खड़े थे। सेफ्टी प्वाइंट ऑफ व्यू से इसे कैसे सही ठहराया जा सकता है।
इंटक के महासचिव संजय साहू का भी खून खौल रहा था। बोरिया गेट पर ठेलों को देख उनसे रहा नहीं गया। कइयों को चमकाते नज़र आए। हैरानी इस बात की है कि चंद मिनट के ठहराव पर सूचनाजी.कॉम को ये सारे नज़ारे दिख गए। इसी रास्ते से डीआइसी, ईडी, सीजीएम, जीएम की आवाजाही होती है। वे क्यों आंख बंद किए हुए हैं।
मुंह फेर लेने की आदत से कब्जेदारों का मनोबल इतना बढ़ गया कि अब बीएसपी कर्मचारियों और अधिकारियों पर पथराव होने लगे। यही आदत रही तो कर्मचारियों की लाश उठाने की नौबत आ जाएगी। समय रहते जाग जाइए और दुर्ग प्रशासन-पुलिस के साथ महा अभियान चलाकर टाउनशिप की सड़कों को कब्जामुक्त करा लीजिए।
