BSP NEWS: 2007 की मंथली इंसेंटिव स्कीम में हो सुधार, इंटक बोला-बेस इंसेंटिव राशि में न्यूनतम ₹10,000 प्रतिमाह की करें वृद्धि

BSP Demands Reform of 2007 Monthly incentive Scheme INTUC Says Increase Base Incentive Amount by a Minimum of 10,000 Per Month
  • श्रम उत्पादकता 2007 के 228 टन प्रति व्यक्ति से बढ़कर 830 टन प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष से अधिक

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल कर्मचारियों के इंसेंटिव को रिवाइज करने की मांग फिर की गई है। स्टील इम्प्लॉइज यूनियन (इंटक) के महासचिव संजय कुमार साहू के नेतृत्व में भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) एवं कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) के नाम प्रोडक्शन लिंक्ड मंथली इंसेंटिव स्कीम में संशोधन एवं वृद्धि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन महाप्रबंधक (औद्योगिक संबंध एवं ठेका प्रकोष्ठ) विकास चंद्र को सौंपा गया।

महासचिव संजय कुमार साहू ने प्रबंधन को अवगत कराया कि भिलाई इस्पात संयंत्र, सेल के प्रमुख इस्पात संयंत्रों में से एक है, जिसने देश के औद्योगिक विकास, रेलवे, रक्षा एवं अधोसंरचना निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया है। संयंत्र की इस प्रगति के पीछे कर्मचारियों की मेहनत, तकनीकी दक्षता एवं समर्पण का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करते हुए संयंत्र को लाभार्जन की दिशा में आगे बढ़ाया है। हाल के वर्षों में संयंत्र ने कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

फिनिश्ड स्टील उत्पादन 5.6 मिलियन टन से अधिक
कई विभागों द्वारा रिकॉर्ड मासिक एवं वार्षिक उत्पादन
श्रम उत्पादकता 2007 के 228 टन प्रति व्यक्ति से बढ़कर 830 टन प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष से अधिक
इसके बावजूद वर्तमान प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम में कर्मचारियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। वर्तमान में…
एमपीपीआईएस में अधिकतम ₹1500
पीआईएस में ₹975
फिक्स इंसेंटिव में ₹19
अधिकतम S-11 को ₹2500 प्रतिमाह के लगभग मिलता है।

इंटक यूनियन ने मांग की है कि

बेस इंसेंटिव राशि में न्यूनतम ₹10,000 प्रतिमाह की वृद्धि की जाए।
इंसेंटिव को मूल वेतन+महंगाई भत्ता से लिंक किया जाए।
उत्पादन लक्ष्य वास्तविक क्षमता (हॉट मेटल, क्रूड स्टील, सिलेबल स्टील) के आधार पर तय हो
सभी विभागों के कर्मचारियों को समान रूप से इंसेंटिव का लाभ मिले

यूनियन का कहना है कि इस संशोधन से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, उत्पादन लक्ष्य प्राप्ति आसान होगी, संयंत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि होगी तथा लाभार्जन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

महाप्रबंधक विकास चंद्रा ने आश्वस्त किया कि यूनियन की मांगों से उच्च प्रबंधन को अवगत कराया जाएगा तथा शीघ्र ही इंसेंटिव स्कीम में संशोधन एवं सरलीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में पूरन वर्मा, सच्चिदानंद पांडे, गिरिराज देशमुख, सुरेश, श्याम कुमार, जितेंद्र सूर्यवंशी, रामजीत सिन्हा, शिव शंकर सिंह, विजय विश्वकर्मा, जयराम ध्रुव, रमन मूर्ति, सीपी वर्मा, गुरुदेव साहू, ताम्रध्वज सिन्हा, राजकुमार, दीनानाथ सिंह, सार्वा, मलय कुमार बनर्जी, राजकुमार नायर, अनिल कुमार, आनंद खालरकर, डी. शंकर सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।