बीएसपी उद्यानिकी विभाग के प्रभारी डॉ. नवीन कुमार जैन अपने सहयोगी राजेश शर्मा, ललित चंद्राकर, अग्रवाल संग उतरे मैदान में।
- टैंकरों से लगातार पानी डाला जा रहा है, ताकि जड़ें फिर से मिट्टी से जुड़ सकें और तेज हवा चलने पर पेड़ दोबारा न गिरें।
- यह पहल सिर्फ पेड़ों को नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली-स्वच्छ पर्यावरण को भी नया जीवन देने का संदेश दे रही।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। जब तेज आंधी और मौसम की मार से विशाल सागौन के पेड़ जड़ों समेत उखड़ गए, तब अधिकांश लोगों ने उन्हें खत्म हो चुकी हरियाली मान लिया। लेकिन सेल भिलाई स्टील प्लांट के उद्यानिकी विभाग ने हार नहीं मानी। विभाग ने इन पेड़ों को काटने के बजाय उन्हें दोबारा खड़ा कर नई जिंदगी देने का अभियान शुरू कर दिया है।
तालपुरी इंटरनेशनल कॉलोनी से एमडी बंगले तक सड़क किनारे पिछले काफी समय से 100 से 130 फीट तक लंबे सागौन के पेड़ गिरे पड़े थे। ये पेड़ तेज आंधी के कारण जड़ों से उखड़ गए थे। अब इन्हें फिर से जीवित करने के लिए उद्यानिकी विभाग पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर आया है।
बीएसपी उद्यानिकी विभाग के प्रभारी डॉ. नवीन कुमार जैन अपने सहयोगी राजेश शर्मा, ललित चंद्राकर, बी.एल. अग्रवाल और अन्य कर्मचारियों के साथ स्वयं मौके पर मौजूद रहे। उनकी निगरानी में जेसीबी मशीन की मदद से एक-एक कर उखड़े हुए पेड़ों को दोबारा उनके गड्ढों में खड़ा किया जा रहा है।
पेड़ों को मजबूती देने के लिए उनकी जड़ों के आसपास अतिरिक्त मिट्टी भरी जा रही है। साथ ही टैंकरों से लगातार पानी डाला जा रहा है, ताकि जड़ें फिर से मिट्टी से जुड़ सकें और तेज हवा चलने पर पेड़ दोबारा न गिरें। जेसीबी से मिट्टी को दबाकर पेड़ों को स्थिर करने का काम भी किया जा रहा है।
60 से ज्यादा पेड़ों को बचाने का लक्ष्य
उद्यानिकी विभाग केवल कुछ पेड़ों तक सीमित नहीं है। विभाग ने करीब 60 से अधिक उखड़े हुए सागौन के पेड़ों को नया जीवन देने का लक्ष्य तय किया है। यदि यह प्रयास सफल होता है तो वर्षों पुराने ये पेड़ फिर से हरियाली बिखेरते नजर आएंगे।
पेड़ बचाने का संदेश दे रही पहल
पर्यावरण संरक्षण की बात अक्सर भाषणों और अभियानों तक सीमित रह जाती है, लेकिन भिलाई स्टील प्लांट के उद्यानिकी विभाग की यह पहल जमीन पर उसका जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई है। एक परिपक्व पेड़ को तैयार होने में दशकों लग जाते हैं। ऐसे में उखड़े हुए पेड़ों को काटकर हटाने की बजाय उन्हें बचाने का प्रयास पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का परिचायक है।
हर तरफ हो रही सराहना
भिलाई स्टील प्लांट के इस अनोखे अभियान की हर तरफ चर्चा और सराहना हो रही है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि अन्य संस्थान और नगर निकाय भी इसी तरह उखड़े हुए पेड़ों को बचाने का प्रयास करें, तो हजारों पेड़ों को कटने से बचाया जा सकता है। यह पहल सिर्फ पेड़ों को नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण को भी नया जीवन देने का संदेश दे रही है।

