वीआईएसएल वर्कर्स एसोसिएशन: शोकसभा में कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
- आरआईएनएल हादसे में मृत श्रमिकों को वीआईएसएल कर्मियों ने दी श्रद्धांजलि, सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का दिया संदेश।
सूचनाजी न्यूज, भद्रावती। विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) में हुए भीषण हादसे में आठ श्रमिकों की मौत पर सेल के विश्वेश्वरैया स्टील प्लांट-वीआईएसएल वर्कर्स एसोसिएशन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। एसोसिएशन के आह्वान पर वीआईएसएल के सभी कर्मचारी मुख्य द्वार पर एकत्र हुए और दिवंगत श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान आयोजित शोकसभा में कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वीआईएसएल वर्कर्स एसोसिएशन ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस अपूरणीय क्षति को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। संगठन ने शोकाकुल परिवारों को इस दुख की घड़ी में शक्ति और साहस प्रदान करने की कामना की। साथ ही हादसे में घायल हुए सभी श्रमिकों के शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की भी प्रार्थना की गई।
वीआईएसएल वर्कर्स एसोसिएशन तथा ठेका श्रमिक संघ ने इस अवसर पर कार्यस्थल सुरक्षा के महत्व को लेकर एक सशक्त संदेश भी दिया। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी श्रमिक का जीवन अनमोल है और किसी भी प्रकार का मुआवजा मानव जीवन की भरपाई नहीं कर सकता। इसलिए सभी कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
शोकसभा में कर्मचारियों से अपील की गई कि वे अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपने सहकर्मियों की सुरक्षा के प्रति भी सजग रहें। औद्योगिक कार्यस्थलों पर सतर्कता और सुरक्षा मानकों का पालन ही दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
वीआईएसएल वर्कर्स एसोसिएशन ने कहा कि सभी कर्मचारियों को सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त कार्यस्थल के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लेना चाहिए। संगठन ने दोहराया कि सुरक्षा केवल प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी और संबंधित पक्ष की साझा जिम्मेदारी है। हर जीवन बहुमूल्य है और उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
शोकसभा के समापन पर कर्मचारियों ने आरआईएनएल हादसे के मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा संस्कृति को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

