- अर्जुन लाल श्रीवास ने आगामी 3 वर्षों के लिए यूनिवर्सल रेल मिल के विभागीय समिति हेतु पांच सदस्यों का नाम रखा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन सीटू के यूनिवर्सल रेल मिल का विभागीय सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मेलन की शुरुआत में दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि दी गई। तत्पश्चात सर्वसम्मति से अर्जुन लाल श्रीवास को सम्मेलन अध्यक्ष चुना गया।
सम्मेलन की शुरुआत में सुदामा प्रसाद महिलांगे ने 3 वर्ष में यूनिवर्सल रेल मिल के अंदर यूनियन द्वारा किए गए कार्यों का रिपोर्ट प्रस्तुत किया। साथियों ने रिपोर्ट पर चर्चा करने के पश्चात सर्वसम्मति से रिपोर्ट पारित किया।
सुदामा महिलांगे संयोजक एवं ललित उपसंयोजक चुने गए
अर्जुन लाल श्रीवास ने आगामी 3 वर्षों के लिए यूनिवर्सल रेल मिल के विभागीय समिति हेतु पांच सदस्यों का नाम रखा, जिसे सम्मेलन में उपस्थित साथियों से राय लेने पर सभी साथियों ने उक्त समिति को सर्वसम्मति से चुन लिया।
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तत्पश्चात सुदामा महिलांगे को संयोजक एवं ललित कुमार यादव को उप संयोजक के लिए प्रस्ताव रखा गया जिस पर सभी साथियों ने एक स्वर में सहमति दी। समिति के अन्य सदस्य अर्जुन लाल श्रीवास, उदय मोहन एवं नारायण प्रसाद कुर्रे हैं। तत्पश्चात जोनल सम्मेलन हेतु सात प्रतिनिधियों का चुनाव किया गया जिसमें सुदामा प्रसाद महिलांगे, ललित कुमार यादव, अर्जुन लाल श्रीवास, उदय मोहन, नारायण प्रसाद कुर्रे, दीपक कुमार एवं अरविंद भारती हैं।
संघर्षों से भरा है यूनिवर्सल रेल मिल का सफर
महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी ने कहा-यूनिवर्सल रेल मिल के अस्तित्व में आने के बाद से हर छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए सीटू को संघर्ष करना पड़ा है टॉयलेट, रेस्ट रुम, पीने का पानी जैसे मूलभूत सुविधाओं के लिए भी यूनियन ने चिट्ठियां देकर उसे हासिल करने के लिए बार-बार प्रबंधन के साथ बैठक किया। तब जाकर छोटी-छोटी सुविधाएं हासिल हो पाई। लंबे संघर्ष के बाद नए इंसेंटिव कोड को हासिल करने में कामयाबी मिली अभी भी बहुत से मुद्दे का समाधान होना बाकी है।
भारत के पटल पर विशेष छाप छोड़ रहा है यूनिवर्सल रेल मिल
रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल के बाद भिलाई इस्पात संयंत्र में स्थापित हुए यूनिवर्सल रेल मिल उच्च गुणवत्ता के साथ लॉन्ग रेल बनाते हुए भारतीय रेलवे को सप्लाई कर रहा। रेल भारत के पटल पर विशेष छाप छोड़ रहा है। यह यूनिवर्सल रेल मिल सीमित मात्रा में ही सही हेड हार्डेड रेल भी बनाकर भारतीय रेलवे को सप्लाई कर रहा है, जो की संयंत्र के लिए गौरव का विषय है।