- मंगलम भवन का किराया कर्मचारी-अधिकारी के वेतन के अनुपात से तय की जानी चाहिए।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ-बीएकेएस ने अधिशासी निदेशक मानव संसाधन को पत्र लिखकर मांग किया है कि मंगलम भवन के किराए को नॉन एक्स कर्मचारियों के लिए आधा किया जाए।
बोकारो इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा रशियन क्लब को संवारकर मंगलम भवन के रुप में नगर वासियों के लिए खोला गया है। साथ ही मंगलम भवन को किराया पर देने हेतु सर्कुलर भी जारी किया गया है।
बोकारो इस्पात संयंत्र में नियमित कार्मिकों का दो वेतनभोगी वर्ग है। पहला वर्ग अधिकारी तथा दूसरा गैर कार्यपालक कर्मचारियों का वर्ग है। अधिकारी और कर्मचारी वर्ग के औसतन वेतन का अनुपात 2.5:1 है। अर्थात अधिकारी वर्ग का औसत वेतन कर्मचारियों से ढाई गुणा अधिक है।
यूनियन का कहना है कि बोकारो इस्पात संयंत्र द्वारा Russian क्लब को मंगलम भवन के रुप में शुरू करना एक अच्छा कदम है। परंतु उसकी बुकिंग की दर अधिकारी तथा कर्मचारी के लिए एक समान रखना कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है। चाहे वह अधिकारी-कर्मचारी के बीच आर्थिक समानता से तुलना हो, व्यवसायिक नीति से तुलना हो या अन्य आधार से तुलना हो।
वहीं, बोकारो इस्पात संयंत्र द्वारा अभी तक गैर कार्यपालक कर्मचारियों के मांगलिक कार्यों के लिए न तो कोई विशेष भवन बनाया गया है तथा न ही उसके लिए इरादा भी व्यक्त किया जा रहा है।
यूनियन ने दिया मंगलम भवन की नई दरों का प्रस्ताव
मद: कर्मचारी वर्ग के लिए दर
कमरा: ₹750 प्रतिदिन
ऑडिटोरियम हॉल (एसी युक्त):₹50000
खुला क्षेत्र (कमरे के साथ पश्चिम साईड): ₹22500
खुला क्षेत्र (कमरे के साथ दक्षिण साईड) : ₹17500
संयुक्त बुकिंग (ऑडिटोरियम+खुला क्षेत्र+कमरा) : ₹75000
यूनियन का कहना है कि प्रस्ताविक किराया दर पूर्णतः सही है, जो बीएसएल गैर कार्यपालक कर्मचारियों को मिल रहे वेतन के मुकाबले उचित भी है। इस प्रस्ताव को लागू करने से यूनियन को पूर्ण भरोसा है कि मंगलम भवन साल भर बुक रहेगा, जो कि व्यवसायिक दृष्टिकोण से भी बहुत अच्छा होगा।
किराया कर्मचारी-अधिकारी के वेतन के अनुपात से हो तय
बीएसएल कर्मचारियों के जेब से पैसा निकलवाने में बीएसएल प्रबंधन एक समान व्यवहार करती है, जबकि वेज रीविजन, एरियर तथा बोनस के समय सेल तथा बीएसएल प्रबंधन के लिए अधिकारी तथा कर्मचारी अलग अलग वर्ग हो जाते है। मंगलम भवन का किराया कर्मचारी-अधिकारी के वेतन के अनुपात से तय की जानी चाहिए।
हरिओम, अध्यक्ष-बीएकेएस











