बोकारो रेलवे स्टेशन पर DIC BK Tiwari ने काटा इस्पात उद्यान का फीता

DIC BK Tiwari Cut the Ribbon of the Ispat Garden at Bokaro Railway Station
  • निदेशक प्रभारी बीरेन्द्र कुमार तिवारी ने किया बोकारो रेलवे स्टेशन परिसर में ‘इस्पात उद्यान’ का लोकार्पण।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल द्वारा बोकारो स्टील सिटी रेलवे स्टेशन परिसर में विकसित ‘इस्पात उद्यान’ का लोकार्पण निदेशक प्रभारी बीरेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर अधिशासी निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री सुरेश रंगानी, अधिशासी निदेशक (एसआरयू) पी. के. रथ, अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) राजश्री बनर्जी, अधिशासी निदेशक (माइंस) विकास मनवटी, अधिशासी निदेशक (सामग्री प्रबंधन) सी. आर. मिश्रा, अधिशासी निदेशक (परियोजनाएँ) अनीष सेनगुप्ता, अधिशासी निदेशक (संकार्य) प्रिय रंजन, बोकारो क्षेत्र के क्षेत्रीय रेलवे प्रबंधक विनीत कुमार, बीएसएल के विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक, बीएसएल एवं भारतीय रेलवे के वरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में बोकारो नगरवासी उपस्थित थे।

Vansh Bahadur

ये खबर भी पढ़ें: Bhilai Steel Plant: बड़ी संख्या में कर्मचारी हो रहे रिटायर, इस्पात कर्मचारी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी सेक्टर-6 ने थमाया जमा पूंजी का चेक

‘इस्पात उद्यान’ का विकास बीएसएल द्वारा अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत किया गया है। यह उद्यान न केवल हरियाली और सौंदर्य का अनुपम संगम प्रस्तुत करता है, बल्कि देश की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। यहाँ स्वदेशी निर्माण एवं प्रौद्योगिकी की महत्ता को प्रदर्शित करने वाला स्मारक स्थापित किया गया है।

साथ ही आकर्षक वाटर फाउंटेन, सुसज्जित पाथवे, हरित वृक्ष-पौधे एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था की सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। विभिन्न सौंदर्यवर्धक संरचनाएँ इस उद्यान की शोभा को और भी निखार रही हैं।

ये खबर भी पढ़ें: Tata Steel: न्यूनतम बोनस 39,004 और अधिकतम 3,92,213 रुपए

इस अवसर पर निदेशक प्रभारी बीरेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि बोकारो इस्पात संयंत्र सदैव सामुदायिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अग्रणी रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘इस्पात उद्यान’ यात्रियों के लिए विश्राम और आनंद का एक आकर्षक केंद्र बनेगा तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को और मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह उद्यान बोकारो शहर की नई पहचान बनेगा और इसकी सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत को और अधिक समृद्ध करेगा।

ये खबर भी पढ़ें: EPS 95 हायर पेंशन: BSL अधिकारी-कर्मचारी परेशान, BSOA महासचिव अजय पांडेय ने लिखा लेटर-EPFO Ranchi अपनाए Rourkela का फॉर्मूला