स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के सेल सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (SSO) रांची के कार्यकारी निदेशक रिटायर हो चुके हैं।
- संजय धर की खास पहचान प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास से जुड़े कार्यों को लेकर है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल के मैनेजमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (MTI) रांची के कार्यपालक निदेशक (HR-L&D) संजय धर को अब एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेल प्रबंधन ने उन्हें Executive Director, SSO का अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश जारी किया है। वे अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ इस अतिरिक्त दायित्व का निर्वहन करेंगे।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की कॉर्पोरेट इकाई सेल सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (SSO) रांची के कार्यकारी निदेशक (ED- Executive Director) के. रामाकृष्ण (K. Ramakrishna) अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त (Retire) हो चुके हैं। नई तैनाती का आदेश जारी हुआ नहीं है। इसलिए सेल कॉर्पोरेट ऑफिस ने संजय धर को यह अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह प्रभार तब तक रहेगा, जब तक नियमित अधिकारी पद का कार्यभार नहीं संभाल लेते अथवा सेल प्रबंधन की ओर से आगे कोई आदेश जारी नहीं हो जाता।
ये खबर भी पढ़ें: BSP श्रमिकों के खाते में आ रहे 10 से 21 हजार रुपए तक, पढ़िए पूरा मामला
एमटीआई में ट्रेनिंग और एचआर-एलएंडडी की जिम्मेदारी
संजय धर वर्तमान में Executive Director (HR-L&D), MTI, Ranchi के पद पर कार्यरत हैं। मैनेजमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट सेल के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास और मानव संसाधन विकास से जुड़े कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में प्रशिक्षण और एचआर-डेवलपमेंट के क्षेत्र में उनकी भूमिका अहम रही है।
संजय धर भिलाई स्टील प्लांट के बीआईटी में भी सेवाएं दे चुके हैं। भिलाई में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संस्थान और प्रशिक्षण से जुड़े कामकाज बखूबी अंजाम दिया था। अधिकारियों के बीच उनकी पहचान एक तेज-तर्रार और काम को लेकर सक्रिय अधिकारी की है।
प्रशिक्षण के क्षेत्र में गहरी पकड़
संजय धर की खास पहचान प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास से जुड़े कार्यों को लेकर रही है। प्रशिक्षण व्यवस्था, लर्निंग एवं डेवलपमेंट और अधिकारियों के क्षमता विकास से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। यही वजह है कि सेल के प्रशिक्षण तंत्र में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता रहा है।
अब SSO में अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनके सामने एक नई जिम्मेदारी होगी। हालांकि यह व्यवस्था नियमित अधिकारी की नियुक्ति तक के लिए है, लेकिन अतिरिक्त प्रभार के रूप में यह जिम्मेदारी सेल के एक महत्वपूर्ण अधिकारी के हाथों में दी गई है।




