इंटक ने चुनाव, BAKS ने सेफ्टी, CITU ने श्रमिक विरोधी प्रावधान, HMS ने छंटनी पर घेरा। हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन को बुलाया नहीं।
- श्रम सुधार विभाग के निदेशक डॉ. पीके जेना, अवर सचिव संजय कुमार तिवारी, श्रम कल्याण आयुक्त (मुख्यालय) ओपी सिंह, उप मुख्य श्रम आयुक्त बीसी नायक मौजूद रहे।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। नए लेबर लॉ की अच्छाइयों को बताने और जागरुकता फैलाने के लिए केंद्रीय श्रम मंत्रालय के अधिकारियों ने पहली बार भिलाई स्टील प्लांट में कार्यक्रम किया। पहले ही कार्यक्रम में यूनियन नेताओं ने केंद्रीय अधिकारियों को घेर लिया। जवाब नहीं मिलने पर हंगामा कर दिया गया। काफी शोर-शराबा हुआ। वहीं, ठेका यूनियन को संवाद कार्यक्रम में नहीं बुलाने पर आपत्ति भी दर्ज करा दी गई है।
भिलाई स्टील प्लांट के एचआरडीसी में शुक्रवार दोपहरर करीब 12 बजे संवाद कार्यक्रम शुरू हुआ। सांसद विजय बघेल कुछ देर तक अपनी बात रखकर रवाना हो गए। पहला सेशन ही एक घंटे देर से शुरू हुआ था। लेबर लॉ में क्या संशोधन हुए, उसका प्रेजेंटेशन दिया गया। कुछ लोगों को बोलने दिए। कुछ को मौका नहीं मिला। आधे घंटे तक प्रश्न-उत्तर का दौर चला।
बीएमएस के केंद्रीय नेता व महमंत्री दिनेश पांडेय ने कहा कि हम नए कोड का स्वागत करते हैं। लेकिन औद्योगिक संबंध संहिता एवं व्यवसायिक सुरक्षा संहिता के कई प्रावधानों में संशोधन की जरूरत है। कई बिंदु श्रमिक विरोधी हैं। पांडेयजी के हाथ में तीन पेज का पेपर देख सामने बैठे श्रम मंत्रालय के अवर सचिव एसके तिवारी ने जवाब दिया कि देखिए, हम लोग जानकारी देने के लिए आए हैं। जागरुकता के लिए आए हैं। कमियों पर बाद में बात होगी। जो हमने अभी बताया है, उसमें कुछ सुझाव है तो बताइए। आपके पीछे और भी वक्ता हैं, उन्हें मौका दीजिए।
इसी प्रश्न को सीटू के केवेंद्र सुंदर ने पकड़ लिया। कहा-70 प्रतिशत मजदूर कानून के दायरे से बाहर हो गए हैं। इस पर जवाब तो दीजिए। संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। सविता मालवीय ने भी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा-आप पहले जवाब तो दीजिए। इसी बीच एटक के महासचिव विनोद सोनी और सीटू महासचिव टी. जोगा राव भड़क गए। काफी हंगामे जैसे हालात बन गए।
ये खबर भी पढ़ें: SAIL Mediclaim Scheme 2026-27: मेडिक्लेम नवीनीकरण की तारीख बढ़ी, अब 31 अगस्त तक मौका
बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमर सिंह ने सेफ्टी का मुद्दा उठाया। हादसे की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की। हादसे के आरोपी अधिकारी पर क्या कार्रवाई की गई। इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जाए। एचएमएस के प्रतिनिधि ने कहा-ठेकेदार और आफिसर मिलकर लेबर को निकाल देते हैं। परफॉर्मेंस को नजर अंदाज कर दिया जाता है।
इंटक महासचिव संजय साहू ने यूनियन चुनाव का मुद्दा उठाया। पूछे-नए लेबर कोड में चुनाव की क्या प्रक्रिया है। जवाब आया कि प्रक्रिया लंबी है। रजिस्ट्रार को आवेदन देना होगा। बाइलॉज, मेंबरशिप संबंधित दस्तावेज लगाना होगा। नए कोड में दर्ज कराना होगा। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू होती है।
संवाद कार्यक्रम में श्रम सुधार विभाग के निदेशक डॉ. पीके जेना, मंत्रालय के अवर सचिव, एलआरसी संजय कुमार तिवारी और श्रम कल्याण आयुक्त (मुख्यालय), पीएमयू-एलआरसी ओपी सिंह, उप मुख्य श्रम आयुक्त बीसी नायक, ईडी माइंस अरुण कुमार, सांसद विजय बघेल, संजय द्विवेदी, संजीव श्रीवास्तव, रोहित हरित आदि शामिल थे।
प्लांट में सबसे ज्यादा ठेका श्रमिक, उन्हीं की यूनियन को नहीं बुलाया
4 लेबर कोड प्रेजेंटेंशन में ठेका यूनियन के प्रतिनिधि को शामिल नहीं करने पर हिन्दुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन ने आपत्ति दर्ज कराई है। योगेश सोनी का कहना है कि संयंत्र में नियमित से ज्यादा ठेका श्रमिकों की तादाद है और वर्तमान समय में उत्पादन में बराबर की भागीदारी करने वाले श्रमिकों के प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी यूनियन को शामिल नहीं किया गया।
4 लेबर कोड नियमित व ठेका श्रमिक तमाम लोगों पर लागू होता है तो ठेका यूनियन से किसी को शामिल नहीं करना कई सवाल खड़ा करता है। लेबर कोड से जुड़ी जानकारी शंका, हर एक तक पहुँचे, ऐसा प्रयास होना चाहिए था, ताकी जो भ्रम या भ्रांतियां दूर हो सके। ठेका श्रमिक यूनियन को क्यों नहीं शामिल किया गया, ज़ब एक अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ रेगुलर वर्कर युनियन को बुलाने की बात कही और इस पर बाद में बात करने की बात बोलकर फोन रख दिया।








