- एनएमडीसी और जीएमडीसी ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। रेअर अर्थ तत्वों की संभावनाओं को तलाशने के लिए संयुक्त प्रयास।
सूचनाजी न्यूज, हैदराबाद। भारत की प्रमुख खनन कंपनियों-एनएमडीसी लिमिटेड और जीएमडीसी लिमिटेड ने सोमवार को रेअर अर्थ तत्वों की संभावनाओं का अन्वेषण में सहयोग करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इस सशक्त साझेदारी का उद्देश्य भारत के लिए एक समेकित एवं सतत् महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला का विकास करना है। यह साझेदारी देश में रेअर अर्थ तत्वों के अन्वेषण के साथ-साथ अनुसंधान एवं विकास (R&D) क्षमताओं के विस्तार तथा इस उप-क्षेत्र में कार्बन-सचेत पहलों को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त करती है।
एनएमडीसी मुख्यालय, हैदराबाद में अमिताभ मुखर्जी, सीएमडी, एनएमडीसी तथा रूपवंत सिंह, आईएएस, प्रबंध निदेशक, जीएमडीसी की उपस्थिति में, दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हस्ताक्षरित किया। 16 मार्च 2026 से प्रभावी यह समझौता दो वर्ष की अवधि के लिए है तथा प्रस्तावित सहयोग का मूल्यांकन एवं सुदृढ़ीकरण करने हेतु एक संचालन समिति (Steering Committee) एवं कार्य समूह (Working Group) के गठन की अनुशंसा करता है।
इस सहयोग से देशभर में रेअर अर्थ तत्वों तथा उससे संबंधित डाउनस्ट्रीम गतिविधियों के विकास को मजबूती मिलने की अपेक्षा है। इस अवसर पर एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री अमिताभ मुखर्जी ने कहा, “रेअर अर्थ तत्वों में भारत की रुचि अब एक रणनीतिक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुकी है। ये खनिज ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा क्षमता तथा वास्तविक आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के केंद्र में हैं। खनन कंपनियों से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया है। जीएमडीसी के साथ मिलकर एनएमडीसी देश के लिए शीघ्र ही एक सुदृढ़ महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
एनएमडीसी और जीएमडीसी, अपने-अपने महत्वपूर्ण खनिज मिशन एवं रेअर अर्थ कॉरिडोर में प्रगति के साथ, भविष्य में संयुक्त उपक्रम, विशेष प्रयोजन वाहन (Special Purpose Vehicle) तथा रणनीतिक व्यावसायिक सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं।
















