SAIL BSP: बीएमएस ने सीजीएम (एचआर) से कहा-कर्मियों का मनोबल बढ़ाने 39 महीने का एरियर एवं बेहतर बोनस जल्द दिलाएं।
- बोनस फार्मूले में बदलाव कर बेहतर बोनस दिलाने, नॉन फाइनेंशियल स्कीम शुरू करने, प्लांट में कैंटीन रेस्टरूम का मुद्दा उठा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात मजदूर संघ (बीएमएस) के पदाधिकारियों की मुख्य महाप्रबंधक(एचआर) प्रशांत ओझा के साथ बैठक हुई, जिसमें यूनियन ने संयंत्र के कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए 39 महीने का एरियर जल्द दिलाने, बोनस फार्मूले में बदलाव कर बेहतर बोनस दिलाने, नॉन फाइनेंशियल स्कीम शुरू करने, प्लांट में कैंटीन रेस्टरूम को बेहतर करने एवं कर्मचारियों के लिए बने इस्पात क्लबो को रिनोवेट कर अधिकारियों के क्लबो की भाँति सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
आरएफआईडी से ज्यादा जरूरी है एरियर एवं बोनस
भिलाई इस्पात मजदूर संघ के महामंत्री दिनेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि एमओयू के लगभग 5 वर्ष बाद भी कर्मचारियों को अभी तक 39 महीने का एरियर नहीं मिला है जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि आरएफआईडी लगाने से ज्यादा जरूरी कर्मचारियों का एरियर दिलाना है। उन्होंने बोनस फार्मूले में जल्द बदलाव कर बेहतर बोनस दिलाने की मांग की। दिनेश पांडेय ने संयंत्र के भीतर भी कॉफी हाउस खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि कॉफी हाउस की सुविधा संयंत्र में नहीं उपलब्ध हो सकती तो बेस किचन मे कर्मचारियों के लिए कॉफी हाउस के समान कैंटीन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
संयंत्र में कैंटीन एवं रेस्ट रूम की व्यवस्था सधारे प्रबंधन
यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार पाल ने कहा कि संयंत्र की कुछ कैंटीनों की व्यवस्था तो ठीक है, लेकिन कईयों में व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। उन्होंने संयंत्र के कैंटीन में व्यवस्था सुधारने एवं वहां इस्तेमाल किये जाने वाले खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर निगरानी रखने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि संयंत्र के अंदर रेस्ट रूम को रिनोवेट करने की जरूरत है। प्रदीप पाल ने कहा कि संयंत्र के कई विभागों मे नये सुलभ शौचालय बनाने की जरूरत है।
इंसेंटिव स्कीम का रिवीजन एवं क्लबो का रिनोवेशन करे प्रबंधन
कार्यकारी अध्यक्ष वंश बहादुर सिंह ने कहा कि हमारी इंसेंटिव स्कीम बहुत पुरानी है। यह 2004 मे 7 स्कीम के साथ बनी थी, जिसे 2007 में सरलीकृत कर एक स्कीम बनाई गई। तब से अब तक वही स्कीम चल रही है। इन 20 वर्षों में भिलाई की लेबर प्रोडप्क्टिविटी तीन गुना बढ़ गई है। इसे देखते हुए इंसेंटिव स्कीम को रिवाइज किया जाए।
उन्होंने भिलाई मे नान फाइनेंशिय स्कीम फिर शुरू करने की मांग की। वंश बहादुर सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के लिए बनाए गए इस्पात क्लबों की स्थिति जर्जर हो चुकी है। इन्हें जल्द रिनोवेट कर अधिकारियों के क्लब की भाँति सुविधा उपलब्ध कराई जाए। क्लबों एवं खेल परिसर की सुरक्षा के लिए फिर से गार्ड की नियुक्ति की जाए।
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सीजीएम एचआर प्रशांत ओझा ने दिए ये आश्वासन
मुख्य महाप्रबंधक (एच आर) प्रशांत ओझा ने कहा कि मै स्वयं सभी विभाग मे जाकर कैंटीन सुविधा एवं रिस्टरूम का मुआयना कर रहा हूँ, ताकि कर्मचारियों को बेहतर कैंटीन सुविधा व रेस्टरूम उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि आरएफआईडी सिक्योरिटी के उद्देश्य से लगाई जा रही है। लेकिन आप लोगों के एरियर, बोनस एवं इंसेंटिव रिवीजन की मांग को उच्च प्रबंधन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने क्लब का जल्द रिनोवेशन कराने का आश्वासन दिया।
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बीएमएस के ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रबंधन की तरफ से महाप्रबंधक (एच आर-आईआर) राजीव कुमार एवं यूनियन से महामंत्री दिनेश कुमार पांडेय, अध्यक्ष प्रदीप कुमार पाल, कार्यकारी अध्यक्ष वंश बहादुर सिंह, कोषाध्यक्ष रवि चौधरी, उपाध्यक्ष अरविंद प्रताप सिंह, सुधीर गढ़ेवाल, संयुक्त महामंत्री एस रवि, मृगेंद्र कुमार, सचिव संतोष नाले एवं पूरन साहू उपस्थित थे।

