भारतीय मजदूर संघ (BMS) के आरएमएचपी विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी प्रभात कुमार और ठेका कर्मी के बीच विवाद। हाथापाई हुई।
ठेका कर्मी के साथ मारपीट और धमकी का आरोप, श्रमिक संगठनों की भूमिका पर उठे सवाल।
सूचनाजी न्यूज, बर्नपुर। सेल इस्को स्टील प्लांट में एक और मारपीट की घटना सामने आई है। पिछले दिनों हिंसक झड़प हुई थी। अब ठेका मजदूर के साथ मारपीट की वारदात हुई है। सेल ISP के रॉ मैटेरियल हैंडलिंग प्लांट (RMHP) के बीएमपी एरिया में कार्यरत ठेका कर्मी नवरुण दास के साथ कथित मारपीट, धमकी और मानसिक प्रताड़ना का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, भारतीय मजदूर संघ (BMS) से जुड़े आरएमएचपी विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी प्रभात कुमार से कहासुनी और धक्का-मुक्की का मामला इतना तूल पकड़ लिया कि मामला थाने तक पहुंच गया। RMHP के ठेका मजदूर नवरुण दास पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनकी पत्नी के सड़क दुर्घटना में घायल होने के कारण भी वे नियमित ड्यूटी नहीं कर पा रहे थे।
22 मई को प्लांट में कार्य के दौरान उन्हें अटैक आने के बाद सहकर्मियों द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां चिकित्सकीय जांच में उनकी स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि हुई। इस दौरान विभागीय कर्मचारी बीएमएस नेता को फोन किया गया, उनकी तरफ से कोई रिस्पांस नहीं मिलने से नाराज ठेका मजदूर ने बीएमएस नेता पर हाथ छोड़ दिया था।
ठेका मजदूर ने सूचनाजी.कॉम से स्वीकारा कि बीएमएस नेता के व्यवहार से वह काफी दुखी था। गुस्से में एक थप्पड़ मारा था। बीएमएस नेता ने पुलिस से शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस घर पहुंची और दूसरे दिन थाने में बुलाया गया। पुलिस के बुलावे पर वह अकेले ही थाने पहुंचे थे। जबकि आइएसपी के कर्मचारी प्रभात कुमार की तरफ से आधा दर्जन लोग हीरापुर थाने पहुंचे थे।
थाने के अंदर कहासुनी बढ़ने पर पुलिस ने समझाने की कोशिश की। इसके बाद दोनों पक्ष के लोग बाहर निकले, तभी पीछे से बीएमएस नेताओं ने ठेका मजदूर की पिटाई कर दी। ठेका मजदूर नवरुण दास ने कहा-वह चीखने लगे। आवाज सुनकर पुलिस कर्मी दौड़ते हुए आए और सबको अंदर लेकर गए।
वहीं, प्रत्यक्षदर्शी एक आइएसपी कर्मचारी ने बताया कि बीएमएस नेताओं का कॉलर पकड़कर घसीटते हुए पुलिस थाने में ले गई थी।। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद दोनों पक्ष समझौते की बात करने लगे। एक-दो दिन के भीतर दोबारा मीटिंग होगी। इस प्रकरण पर हीरापुर पुलिस से सूचनाजी.कॉम ने पक्ष लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्ष आपसी रजामंदी से समझौता करने की बात कर रहे हैं। फिलहाल, एफआइआर दर्ज नहीं की गई है।
इस मामले पर बीएमएस के महामंत्री संजीत बनर्जी ने सूचनाजी.कॉम से कहा-कोई भी विवाद नहीं हुआ है। न ही कोई मारपीट हुई है। कुछ भी ऐसा नहीं हुआ है। मीडिया प्रभारी से आप बात कर लीजिए। थाने के बाहर कुछ नहीं हुआ है। बीएमएस को बदनाम करने की कोशिश की जा रह है। वहीं, बीएमएस नेता व आरोपित प्रभात कुमार का कहना है कि कोई भी मामला नहीं है। किसी से कोई भी झगड़ा नहीं हुआ है।
ठेका कर्मी नवरुण दास ने थाने में ऑन कैमरा बयान दिया है कि उनकी पिटाई थाने के बाहर की गई है। सबकुछ सीसीटीवी कैमरा में कैद है। मैं अपनी बेटी का कॅरियर बनाना चाहता हूं, कोई विवाद नहीं चाहता। इसलिए खुद समझौते की बात कही। बावजूद, अकेला पाकर थाने के बाद मुझे बीएमएस नेताओं ने मारा है।
जनरल सेक्रेटरी संजीत बनर्जी, प्रेसिडेंट अजय सिंह, महेश बनर्जी, संजीत प्रसाद, संतोष झा, श्रीकांत शाह, अरगो हाजरा तथा ओम प्रकाश सिंह सहित अन्य सदस्य पर आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस जांच के बाद के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, बीएमएस नेताओं ने पूरे मामले को ही गलत और झूठा करार दिया है।

