सेल अधिकारियों के मुद्दों पर दिल्ली में SEFI पदाधिकारियों की बड़ी पैरवी, 4th PRC से लेकर EPS-95 तक उठी आवाज।
जिन कार्मिकों का ट्रांसफर ऐसे यूनिट में हुआ, जहां EPFO का प्रावधान नहीं है, उन्हें हायर पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। Steel Executives Federation of India के पदाधिकारियों ने दिल्ली दौरे के दौरान सेल अधिकारियों से जुड़े लंबित मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। SEFI टीम ने वित्त मंत्रालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, लोक उद्यम विभाग (DPE), सेल प्रबंधन और डीपीई के आर्थिक सलाहकार से मुलाकात कर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
SEFI टीम में चेयरमैन एनके बंछोर, वाइस चेयरमैन नरेंद्र सिंह और महासचिव संजय आर्य शामिल थे। टीम ने CPSE अधिकारियों के लिए चौथे वेतन पुनरीक्षण आयोग (4th PRC) के गठन और सेल अधिकारियों की समस्याओं पर विस्तार से बात की।
30 प्रतिशत सुपरएनुएशन बेनिफिट की मांग तेज
SEFI ने DPE गाइडलाइन के अनुसार 30 प्रतिशत सुपरएनुएशन बेनिफिट लागू करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई। संगठन ने कहा कि पेंशन योगदान को PBT और नेटवर्थ से जोड़ने का मौजूदा फार्मूला गलत असर डाल रहा है। मुनाफे के वर्षों में भी योगदान 9 प्रतिशत से नीचे पहुंच रहा है।
SEFI ने वित्तीय लिंक हटाकर निर्धारित योगदान व्यवस्था बहाल करने की मांग की। कोलियरियों और CMPF सदस्यों से जुड़े अधिकारियों का मुद्दा भी उठाया गया।
EPS 95 हायर पेंशन का मामला पीएम तक पहुंचा
SEFI ने EPS-95 हायर पेंशन में आ रही विसंगतियों को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman और श्रम मंत्री Mansukh Mandaviya को प्रतिनिधित्व सौंपा।
संगठन ने बताया कि जिन कर्मचारियों का ट्रांसफर ऐसे यूनिट में हुआ, जहां EPFO का प्रावधान नहीं है, उन्हें हायर पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा। SEFI ने कहा कि संगठनात्मक हित में हुए ट्रांसफर की सजा अधिकारियों-कर्मचारियों को नहीं मिलनी चाहिए।
PRP भुगतान पर भी चर्चा
SEFI ने FY 2018-19 के Incremental PRP मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। संगठन का कहना है कि 2 प्रतिशत इंक्रीमेंटल प्रॉफिट को नजरअंदाज किया गया, जबकि उसी दौरान सेल ने शानदार टर्नअराउंड किया था।
इस दौरान सेल सीएमडी डाक्टर अशोक पंडा और डायरेक्टर फाइनेंस केके सिंह से FY 2024-25 के PRP भुगतान पर चर्चा हुई। प्रबंधन की ओर से जल्द भुगतान का आश्वासन दिया गया।
मेडिक्लेम में बड़े बदलाव की तैयारी
मेडिक्लेम और मेडिकल सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। इसमें IPD और OPD लिमिट बढ़ाने, कॉरपोरेट बफर बढ़ाने, एडवांस ट्रीटमेंट को शामिल करने और प्रीमियम स्ट्रक्चर को तार्किक बनाने की मांग की गई।
SEFI को बताया गया कि नई मेडिक्लेम स्कीम के रिन्यूअल पर काम चल रहा है और इसमें संगठन के सुझाव शामिल किए जा रहे हैं।
प्रमोशन और करियर ग्रोथ पर राहत
E6 और E7 अधिकारियों के लिए PESB अवसरों का मामला मंत्रालय स्तर पर साफ हो गया है। JO-2018 बैच प्रमोशन पर भी सकारात्मक विचार होने की जानकारी दी गई।
CDA Rules और FR 56(j) पर SEFI की चिंता
SEFI ने सेल CMD और डायरेक्टर पर्सनल के साथ Rule 4.0(3) और FR 56(j) पर विस्तार से चर्चा की। संगठन ने साफ कहा कि सार्वजनिक हित में नियमों के उचित इस्तेमाल का विरोध नहीं है, लेकिन इसे विभागीय जांच, विजिलेंस जांच या मेडिकल असेसमेंट का विकल्प नहीं बनाया जाना चाहिए।
टैक्स और अलाउंस पर जल्द सर्कुलर संभव
SEFI ने नए इनकम टैक्स प्रावधानों के अनुरूप अलाउंस में बदलाव, पर्क्स और अलाउंस के रेशनलाइजेशन तथा सभी यूनिटों में एक समान नीति की मांग उठाई। बताया गया कि इस संबंध में सर्कुलर एक सप्ताह के भीतर जारी हो सकते हैं।
SAIL के बेहतर प्रदर्शन पर कर्मचारियों को बधाई
SEFI ने Steel Authority of India Limited के FY 2025-26 के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन पर सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। संगठन ने कहा कि बढ़ी हुई लाभप्रदता, अधिक राजस्व और घटते कर्ज का श्रेय सभी प्लांट और यूनिट के कर्मचारियों की मेहनत को जाता है।
संगठन ने लागत घटाने, उत्पादकता बढ़ाने, तकनीकी दक्षता सुधारने और फिजूल खर्च कम करने पर लगातार काम करने की अपील की।
सुरक्षा को लेकर SEFI की बड़ी चिंता
SEFI ने हाल के दिनों में SAIL की विभिन्न यूनिटों में हुई दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। संगठन ने अधिकारियों, कर्मचारियों और सुपरवाइजर्स से Safety SOP, SMP, परमिट सिस्टम और PPE के इस्तेमाल का सख्ती से पालन करने की अपील की।
SEFI ने कहा कि सुरक्षा से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। एक छोटी लापरवाही भी अपूरणीय नुकसान पहुंचा सकती है।

