- झंडा फहराकर शहीदों को याद करके शुरू हुआ सीटू का आठवां छत्तीसगढ़ राज्य सम्मेलन।
सूचनाजी न्यूज, राजहरा। सीटू का आठवां छत्तीसगढ़ राज्य सम्मेलन 1 से 3 फरवरी 2026 तक राजहरा में हो रहा है, जिसकी शुरुआत रविवार को हुई। सीटू के राज्य अध्यक्ष एसएन बैनर्जी के द्वारा झंडा फहराया गया। इसके पश्चात सदस्यों ने शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई एवं मौन श्रद्धांजलि दी गई।
इस सम्मेलन में केंद्र सरकार की नीतियों के चलते मजदूर वर्ग पर पड़ रहे असर एवं उसके खिलाफ किए जाने वाले संघर्ष राज्य सरकार की जन विरोधी नीति के साथ-साथ पिछले 3 साल में हमारे संगठन की गतिविधियों एवं आगामी कार्यभार के साथ आगामी 3 वर्षों के लिए नई राज्य समिति का चुनाव किया जाना मुख्य गतिविधियां होंगे।
रैली के बाद जैन भवन चौक पर हुई आम सभा
सीटू के आठवें राज्य सम्मेलन के अवसर पर राजहरा में रैली निकाली है, जो राजहरा के विभिन्न मार्गो से होते हुए जैन भवन चौक पहुंचकर आमसभा में तब्दील हो गई। आम सभा को सीटू के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष एवं स्टील वर्कर्स फडरेशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष तपन सेन, राज्य अध्यक्ष एसएन बैनर्जी, सीटू के राज्य महासचिव एमके नंदी सहसचिव धर्मराज महापात्र ने संबोधित किया।
घुटने टेकने के लिए तैयार नहीं है हिंदुस्तान का मजदूर
मंच से सीटू के नेताओं ने कहा कि देश की सरकार मजदूरों को अंबानी एवं अडानी के सामने घुटने टेकवाने के लिए नया लेबर कोड लाए हैं। किंतु मोदी सरकार अच्छे से समझ ले हिंदुस्तान का मजदूर घुटना टेकने के लिए तैयार नहीं हैं। देश के हुक्मरान यह बात अच्छे से समझ लें कि मजदूरों ने लंबे संघर्षों के बाद जिन श्रम कानूनों को हासिल किया है उस पर हमला जितना तेज होगा संघर्ष उससे ज्यादा तेज होगा।
आर पार की लड़ाई की शुरुआत है 12 फरवरी का हड़ताल
आम सभा को संबोधित करते हुए सीटू नेताओं ने कहा कि अब तक छत्तीसगढ़ में जितने भी हड़ताल हुई है, उसमें 12 फरवरी की हड़ताल सबसे अभूतपूर्व होगी। केंद्र सरकार अंबानी अडानी के इशारे पर जिस तरह से मजदूरों किसानों को गुलाम बनाने वाली नीतियां बनाकर थोप रही है उसके खिलाफ आर पार की लड़ाई शुरू हो चुकी है उसी कड़ी में 12 फरवरी 2026 की हड़ताल है।
मजदूरों को डराने की कोशिश कर रही है डरी हुई केंद्र सरकार
तपन सेन ने कहा कि मोदी की केंद्र सरकार खुद अंदर तक डरी हुई है। किंतु अपने डर को छुपा कर मजदूरों को डराने की कोशिश कर रही है। सभी लेबर कोड मजदूर विरोधी है किंतु हमारे ही पैसे को खर्च करके लेबर कोड के छोटे-छोटे फायदे गिनाने की कोशिश कर रही है, जिसे देश का मजदूर वर्ग अच्छे से समझ रहा है। ऐसी मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 तारीख को देश का मजदूर एवं किसान जबरदस्त हड़ताल करेगा।
प्रबंधन से लेकर श्रम मंत्रालय तक सभी को देना होगा मुंह तोड़ उत्तर
श्रमिक नेताओं न कहा-हड़ताल के ऐलान के साथ ही देश का शासक वर्ग एवं उसके निर्देशों पर काम करने वाले प्रबंधन हड़ताल को गैरकानूनी बताने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाना शुरू कर दिया है। कहीं हड़ताल को गैरकानूनी बता रहा है तो नहीं हड़ताल न करने के लिए विनती कर रहा है।
ऐसे प्रबंधन एवं श्रम विभाग को मुंह तोड़ उत्तर देना होगा कि यह अखिल भारतीय स्तर का हड़ताल है। इसका ऐलान संयुक्त रूप से सभी ट्रेड यूनियनों ने मिलकर किया है, जिस पर बात करना तुम्हारे बस के बाहर की चीज है। इसीलिए ये ढोंग बंद करो।











