भिलाई स्टील प्लांट सीआइएसएफ के डीआइजी का दिल्ली और डिप्टी कमांडेंट निधि सिंह का ट्रांसफर कोलकाता हो गया है।
- विधायक रिकेश सेन ने फेसबुक पर लिखा-#PMHouse #AmitShah, भिलाई इस्पात संयंत्र के सुरक्षा में तैनात CISF DIG को हटाया गया!
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के 6 डीआइजी का ट्रांसफर ऑर्डर जारी हुआ। सेल भिलाई स्टील प्लांट के डीआइजी और डिप्टी कमांडेंट का भी तबादला हुआ। अतिउत्साहित वैशालीनगर के विधायक रिकेश सेन ने बकायदा फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा-#PMHouse #AmitShah, भिलाई इस्पात संयंत्र के सुरक्षा में तैनात CISF DIG को हटाया गया! इसी पोस्ट को कुछ लोगों ने सच मानकर अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर समाचार का रूप तक दे दिया। सच्चाई जाने और बगैर समझे नासमझी वाली हरकत करते हुए लोहा चोरी केस से ट्रांसफर को जोड़ दिया। अब सब मुंह छुपाए भागे फिर रहे हैं। श्रेय लेने के चक्कर में नेताजी भूल गए कि सीआइएसएफ गृह मंत्रालय के अधीन आता है। गृहमंत्री अमित शाह हैं। इसलिए मामला गृहमंत्रालय भी जा रहा है।
डीआइजी अब मानहानि का केस करने के बारे में भी विचार करना शुरू कर चुके हैं। अब आइए जानते हैं ट्रांसफर होने का सही कारण। जिसे जानने के बाद आप भी ऐसे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वालों की बखिया उधेड़ने का मौका नहीं छोड़ेंगे। विधायक ने पीएम मोदी और अमित शाह तक का नाम भुनाने की कोशिश की। पीएम और गृह मंत्री का नाम लिखने का मकसद साफ जाहिर हो रहा है कि लोहा चोरी की वजह से ट्रांसफर हुआ। जबकि लोहा चोरी का केस आने से पहले ही इन दोनों अधिकारियों ने ट्रांसफर का आवेदन पारिवारिक कारणों से कर दिया था, जिसका सबूत सूचनाजी.कॉम के पास है।

लोहा चोरी का मामला आया 26 मई को, डीआईजी अप्रैल से लगे हैं ट्रांसफर में, पढ़ें क्यों
भिलाई स्टील प्लांट के सीआइएसएफ डीआईजी आइपीएस नागेंद्र नाथ त्रिपाठी अप्रैल प्रथम सप्ताह में ट्रांसफर का आवेदन कर चुके थे। पत्नी अंशु यादव आइएफएस अधिकारी हैं। देहरादून में तैनात हैं। सीआइएसएफ की देहरादून में कोई यूनिट नहीं है। देहरादून से दिल्ली की दूरी करीब ढाई से 3 घंटे की है। इसलिए डीआइजी ने आवेदन किया कि उनका ट्रांसफर दिल्ली कर दिया जाए। 23 माह का बेटा है। मां कोविड की चपेट में आ चुकी हैं। सास ने घुटने की सर्जरी कराई है। 80 साल के पिता के आंखों की 90 प्रतिशत रोशनी नहीं है। ब्लैक ग्लोकोमा है। बेटे के बर्थ-डे पर भी घर नहीं जा सके थे।
अप्रैल प्रथम सप्ताह में डीआइजी की तरफ से आए आवेदन को सीआइएसएफ के कमांडेंट कुंवर बहादुर ने आइजी के पास फारवर्ड किया। आइजी ने एजीडी आफिस को भेजा। अप्रैल अंतिम सप्ताह में ट्रांसफर आवेदन की फाइल सीआइएसएफ मुख्यालय दिल्ली भेज दी। जहां से 24 जून को ट्रांसफर ऑर्डर जारी करते हुए डीआइजी आईपीएस नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को एनसीआर जोन मुख्यालय नई दिल्ली भेज दिया गया है। परिवार की जरूरत के लिए उन्होंने ट्रांसफर लिया। लेकिन, सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वालों ने इसे लोहा चोरी से जोड़कर खुद की किरकिरी करा ली।
डिप्टी कमांडेंट निधि सिंह का इसलिए हुआ ट्रांसफर
भिलाई स्टील प्लांट सीआइएसएफ की डिप्टी कमांडेंट निधि सिंह का ट्रांसफर कोलकाता हो गया है। इनके ट्रांसफर को भी लोहा चोरी से जोड़कर प्रसाद की तरह बांट दिया गया। जबकि सच्चाई ये है कि इनके पति राधे कृष्णा ज्वाइंट कमिश्नर (Joint Commissioner) हैं। पहले भिलाई जीएसटी आफिस में कार्यरत थे। यहां से प्रमोशन के बाद कोलकाता ट्रांसफर कर दिया गया। ट्रांसफर होते ही निधि सिंह ने भी कोलकाता के लिए आवेदन कर दिया। बकायदा आइजी के पास आवेदन किया। मई अंतिम सप्ताह में ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।
आइजी के पास से आवेदन डीजी के पास गया। इनको छोटा बेटा है। बकायदा छुट्टी लेकर डीजी से मिलने दिल्ली गईं और परिवार के हालात से वाकिफ कराया। वैसे, भिलाई में इनका कार्यकाल भी 3 साल का पूरा हो चुका था। सीआइएसएफ मुख्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि दोनों ही ट्रांसफर से लोहा चोरी केस से कोई वास्ता ही नहीं है। जबकि सीआइएसएफ की छवि को धूमिल किया गया है।

